Friday , April 27 2018

गिरफ्तार करो मोहन भागवत को

मालेगांव और समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट के मुल्ज़िम असीमानंद के इस दावे के बाद कि संघ के सुप्रीमो मोहन भागवत को इन तमाम धमाकों की मालूमात हासिल थी, सियासी गलियारों में घमासान मच गया है। इलेक्शन से पहले चल रही सियासी गर्मी में इस दावे

मालेगांव और समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट के मुल्ज़िम असीमानंद के इस दावे के बाद कि संघ के सुप्रीमो मोहन भागवत को इन तमाम धमाकों की मालूमात हासिल थी, सियासी गलियारों में घमासान मच गया है। इलेक्शन से पहले चल रही सियासी गर्मी में इस दावे ने आग में घी डालने का काम किया है। कांग्रेस, सपा, बसपा, जदयू ने धमाकों में आरएसएस की मंजूरी के असीमानंद के दावे को लेकर आरएसएस पर हमला बोल दिया है। मरकज़ी वज़ीर बेनी प्रसाद वर्मा ने मोहन भागवत को गिरफ्तार करने की मांग है, तो वज़ीर ए दाखिला सुशील कुमार शिंदे ने इस मामले पर गौर किए जाने की बात कही है।

दूसरी ओर, संघ, बीजेपी और शिवसेना ने इस दावे को खारिज कर दिया और इसे कांग्रेस का इंतेखाबी हथकंडा करार दिया है। कांग्रेस समेत कई पार्टियों की ओर से मामले की जांच की मांग हो रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने तो मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। संघ के लीडर राम माधव ने कहा कि इस तरह के इल्ज़ाम पहले भी लगाए गए हैं। इल्ज़ाम बेबुनियाद हैं और संघ को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। असीमानंद ने पहले भी अदालत में खडे होकर कहा कि आरएसएस का इससे कुछ लेना-देना नहीं है।

कल भी उन्होने बोला कि उन्होंने ऎसा कुछ नहीं कहा। आरएसएस मुफक्किर (Thinker) एमजी वैद्य ने कहा कि ये सब मनगढंत बात है। इस तरह का काम संघ ने कभी किया ही नहीं है। संघ का काम शख्सियात की तमीर का है। असीमानंद क्यों बोले, यह वही बता सकेंगे। जैसे-जैसे इलेक्शन नजदीक आएंगे, ऐसी मनगढंत बातें बढती रहेंगी। बीजेपी तरजुमान प्रकाश जावडेकर ने कहा कि यह पूरी तरह बकवास है। बिना सच्चाई जाने इंटरव्यू शाय कर दिया गया है। इस पर सवाल खडे होते हैं। हम इसे पूरी तरह खारिज करते हैं। वहीं शिवसेना के एमपी संजय राउत ने कहा कि यह इलेक्शन का वक्त है, इसलिए इस तरह के बयान और आएंगे। इन बातों में कोई दम नहीं है। कई मामलों की अब तक जांच भी शुरू नहीं हुई है।

उधर, वज़ीर ए दाखिला सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि खुलासा किया है तो सच होगा, आगे देखते हैं क्या होता है। कांग्रेस लीडर सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि संघ फिर्कापरस्ती की बुनियाद पर दंगे करता रहा है और ऐसे लोगों की ताईद भी करता रहा है। कांग्रेस लीडर बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा कि मोहन भागवत को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए,जबकि सपा लीडर नरेश अग्रवाल ने कहा कि आरएसएस मुल्क देश के टुकडे टुकडे करना चाहती है। मैं बाकी बातों पर कमेंट नहीं करना चाहता हूं।

जदयू लीडर अली अनवर ने कहा कि आरएसएस की यही फितरत है। यही उसकी आइडियोलॉजी है। इसी बुनियाद पर भागवत पर मुकदमा होना चाहिए। उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। राजद ने सख्त तेवर दिखाते हुए कहा कि मोहन भागवत को बिना जांच किए फौरन गिरफ्तार किया जाए।

राजद ने कहा कि भागवत की साजिश साफ नजर आती है और उन्हें फौरन गिरफ्तार किया जाए। गौरतलब है कि कैरवन मैगजीन ने इस मामले में मुल्ज़िम असीमानंद के इंटरव्यू का हवाला देते हुए दावा किया है कि मोहन भागवत को धमाकों की जानकारी थी और उसे बाकायदा इसके लिए दुआ हासिल थी।

मैगजीन ने असीमानंद से बातचीत के टेप्स भी जारी किए हैं। मैगजीन कैरवन ने अपनी कवर स्टोरी में दावा किया है कि उसने दो साल के दौरान असीमानंद से बातचीत की। मैगजीन ने असीमानंद से बातचीत के टेप्स भी जारी किए हैं। इस बातचीत की बुनियाद पर मैगजीन ने दावा किया है कि जुलाई, 2005 में असीमानंद और सुनील जोशी सूरत में संघ के लीडर्स, मोहन भागवत और इंद्रेश कुमार से मिले थे। स वक्त मोहन भागवत संघ के चीफ नहीं थे।

मैगजीन के मुताबिक, भागवत को मुल्क भर में मुसलमानो को निशाना बनाकर ब्लास्ट करने का प्लान बताया था। असीमानंद के मुताबिक, दोनों आरएसएस ने इसकी मंजूरी दी थी।

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