Friday , June 22 2018

गिरफ्तार नक्सलियों का खुलासा, 500 नक्सली हामी बनाए गए

मोरहाबादी के सरईटांड़ वाक़ेय नक़ल मकानी मुखालिफ तहरीक मोरचा के दफ्तर में तकरीबन 500 नये नक्सली हामी तैयार किये गये हैं, जिनमें औरतें, लड़कियां और मर्द शामिल हैं। वे असल तौर से गढ़वा, चतरा, लातेहार, पलामू, लोहरदगा, चाईबासा और गिरिडीह

मोरहाबादी के सरईटांड़ वाक़ेय नक़ल मकानी मुखालिफ तहरीक मोरचा के दफ्तर में तकरीबन 500 नये नक्सली हामी तैयार किये गये हैं, जिनमें औरतें, लड़कियां और मर्द शामिल हैं। वे असल तौर से गढ़वा, चतरा, लातेहार, पलामू, लोहरदगा, चाईबासा और गिरिडीह समेत दूसरे अज़ला के रिहायसी हैं।

बैठक में शामिल होनेवालों से चंदा के तौर पर 10 रुपये लिये जाते थे। इसके बाद उन्हें नक्सलियों के हिमायती तंज़िम किसान इंकलाबी कमेटी से जोड़ा गया।

बैठक में तरबियत देने के बाद उन्हें वापस अपने-अपने जिले में भेज दिया, जहां वे भाकपा माओनवाज़ के नक्सलियों को मदद पहुंचाने का काम करते थे। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब इतवार को जेल भेजने से पहले बरियातू के थानेदार इच सिद्दिकी, आइबी और स्पेशल ब्रांच के अफसरों ने उत्पल बास्की और विश्वनाथ सिंह खैरवार से पूछताछ की।

बरियातू थाना इंचार्ज ने बताया कि दोनों ने यह भी क़बूल किया कि वे यह सब काम अपने आप को नक़ल मकानी मुखालिफ इंकलाबी मोरचा के एक सख्स की हिदायत पर करते थे।

चार साल से था दफ्तर

पुलिस के मुताबिक नक़ल मकानी मुखालिफ तहरीक मोरचा की आड़ में नक्सली हामियों का नया कैडर तैयार किया जाता था। साथ ही फंड जमा किया गया। सरईटांड़ वाक़ेय मोरचा के दफ्तर से यह काम साल 2009 से चल रहा था।

काबिले ज़िक्र है कि पुलिस ने दोनों को नक्सली हामी होने के इल्ज़ाम में सरईटांड़ वाक़ेय मोरचा के दफ्तर से जुमेरात की सुबह गिरफ्तार किया था। जुमा को दोनों ने यह बताया था कि सरईटांड़ वाक़ेय मोरचा के दफ्तर में बड़े नक्सली क़ायेदीनों की बैठक पहले कई बार हो चुकी है। नक्सली गाँव वाले के आड़ में नाम बदल कर सरईटाड़ पहुंचते थे। इसलिए उनका नाम वे नहीं जानते हैं।

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