Tuesday , June 19 2018

गिलानी तालिबान से मुज़ाकरात के लिए तैय्यार

ईस्लामाबाद । 4 । अक्तूबर (पी टी आई) वज़ीर-ए-आज़म पाकिस्तान यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने आज एक अहम ब्यान देते हुए कहा कि इन की हुकूमत तालिबान से बातचीत के लिए तैय्यार है लेकिन ये वज़ाहत नहीं कि मुसालहती मुज़ाकरात में हक़्क़ानी ग्रुप को शामिल किय

ईस्लामाबाद । 4 । अक्तूबर (पी टी आई) वज़ीर-ए-आज़म पाकिस्तान यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने आज एक अहम ब्यान देते हुए कहा कि इन की हुकूमत तालिबान से बातचीत के लिए तैय्यार है लेकिन ये वज़ाहत नहीं कि मुसालहती मुज़ाकरात में हक़्क़ानी ग्रुप को शामिल किया जाएगा या नहीं । यहां इस बात का तज़किरा ज़रूरी है कि गिलानी ने अपने क़ब्लअज़ीं वज़ा किए गए मौक़िफ़ में नरमी की है। पहले वो मुज़ाकरात के लिए सिर्फ उसी सूरत में राज़ी हुए थे कि तालिबान तर्क असलाह करदें लेकिन इस बार उन्हों ने ऐसी कोई शर्त आइद नहीं की है लेकिन ये इंतिबाह ज़रूर दिया है कि अगर बातचीत नाकाम होगई तो हुकूमत क़बाइली इलाक़ों में ऑपरेशंस की शुरूआत करदेगी । गुज़शता शब लाहौर में अपनी रिहायश गाह में सहाफ़ीयों के एक छोटे ग्रुप से ख़िताब करते हुए उन्हों ने ये बात कही । उन्हों ने मुज़ाकरात की नौईयत और तरीका-ए-कार पर भी रोशनी डाली । याद रखे कि कुछ रोज़ क़बल पाकिस्तान की सयासी जमातों का एक इजलास मुनाक़िद हुआ था जिस में तालिबान से पुरअमन बातचीत की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया था ताकि क़बाइली इलाक़ों में देरपा अमन के क़ियाम को यक़ीनी बनाया जा सके चूँकि ग़ैर मुसल्लह होने का मुतालिबा करना दरअसल क़बाइली सक़ाफ़्त के मुग़ाइर है। लिहाज़ा तालिबान से ये मुतालिबा नहीं किया गया है कि वो बातचीत से क़बल ग़ैर मुसल्लह होजाएं।

TOPPOPULARRECENT