Sunday , September 23 2018

गुंबदाने क़ुतुब शाही की बेहुर्मती रोकने इन्क़िलाबी इक़दाम

गुंबदान क़ुतुब शाही का शुमार रियासत के अहम तरीन सयाहती मुक़ामात में होता है। अगरचे ये एक शाही क़ब्रिस्तान है लेकिन इस के हदूद में वाक़े मसाजिद और गुंबदाने फ़न तामीर के ग़ैर मामूली शाहकार हैं जब कि इस के सुहाने और पुर सुकून महल वक़ूअ के नत

गुंबदान क़ुतुब शाही का शुमार रियासत के अहम तरीन सयाहती मुक़ामात में होता है। अगरचे ये एक शाही क़ब्रिस्तान है लेकिन इस के हदूद में वाक़े मसाजिद और गुंबदाने फ़न तामीर के ग़ैर मामूली शाहकार हैं जब कि इस के सुहाने और पुर सुकून महल वक़ूअ के नतीजा में तारीख़ी आसार के माहिरीन , मुक़ामी और बैरूनी सैयाह उस की जानिब खिंचे चले आते हैं।

क़ुतुब शाही अह्द सलतनत में लंगर फ़ैज़ असर के नाम से मशहूर गुंबदान क़ुतुब शाही के मुशाहिदा के लिए हर रोज़ काफ़ी तादाद में लोग आते हैं। लेकिन कुछ बर्सों से ये तमाम आशिक़ जोड़ों के नाजायज़ हरकात का मर्कज़ भी बन गए थे। नाजायज़ ताल्लुक़ात में बंधे नौजवान लड़के लड़कियों के लिए ये मर्कज़ मौज और मस्ती में तब्दील हो गया था। इस तरह इस क़ब्रिस्तान की मुसलसल बेहुर्मती की जा रही थी जब कि महकमा आसार क़दीमा के हुक्काम हस्ब रिवायत ख़ामूश तमाशाई बने हुए थे।

क़ारईन! राक़िमुल हुरूफ़ ने गुंबदान क़ुतुब शाही में ऐसे ऐसे क़ाबिले एतराज़ मनाज़िर अपने कैमरा में कैद किए हैं जो यक़ीनन नौजवान नस्ल की बेराह रवी की बदतरीन तसावीर कही जा सकती हैं। लेकिन कल ही हम ने इन गुंबदान क़ुतुब शाही का दौरा किया और ये देख कर हैरत में पड़ गए कि पहले जहां सैयाहों से ज़्यादा आशिक़ जोड़े अजीब और गरीब हरकतें करते दिखाई देते थे।

अब हरतरफ़ सैयाहों की कसीर तादाद नज़र आ रही है। दरख़्तों के साये में , क़दीम मक़बरा के पीछे , गुंबदों के तहख़ानों , झाड़ियों के पीछे और बुलंद और बाला दीवारों और चबूतरों के नीचे अक्सर नौजवान लड़के लड़कियां क़ाबिले एतराज़ हालतों में मौजूद रहा करते थे लेकिन कल हमें ऐसे मनाज़िर मुशाहिदा में ही नहीं आए तब हम ने सोचा कि ज़रूर कोई इन्क़िलाब आया है।

अपने जवान बेटे बेटियों को ग़लत राह पर जाने से रोकने में नाकाम वालिदैन हरकत में आ गए होंगे हमारे ज़हन में ये ख़्याल भी आया कि कहीं महकमा आसार क़दीमा के ओहदादार फ़र्ज़शनास तो नहीं हो गए। बहरहाल 2012 में इन्सपेक्टर गोलकुंडा पुलिस स्टेशन की हैसियत से जायज़ा लेने वाले सैयद नईमुद्दीन जावेद के इस ग़ैरमामूली इक़दाम से गुंबदान क़ुतुब शाही का स्टाफ़ और सैयाह ख़ुश हैं।

उन्हों ने बताया कि अनक़रीब गुंबदान क़ुतुब शाही के अहाता में ऐसे बोर्ड आवेज़ां किए जाएंगे जिस में इस मुक़ाम की बेहुर्मती करने से गुरेज़ करने और तालीम की अहमियत के साथ साथ सरपरस्तों को अपनी ज़िम्मेदारियां बख़ूबी निभाने के मश्वरे दीए जाएंगे।

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