Friday , April 27 2018

गुजरात असेम्बली तक कांग्रेस का एहतेजाजी जुलूस नाकाम बना दिया गया

सदर गुजरात प्रदेश कांग्रेस ,क़ाइद अपोज़िशन असेम्बली और साबिक़ सी एल पी क़ाइद 200 कांग्रेस कारकुनों के साथ गिरफ़्तार

सदर गुजरात प्रदेश कांग्रेस ,क़ाइद अपोज़िशन असेम्बली और साबिक़ सी एल पी क़ाइद 200 कांग्रेस कारकुनों के साथ गिरफ़्तार

कांग्रेस के दो सौ से ज़्यादा कारकुन और मुमताज़ रियास्ती क़ाइदीन मुबय्यना तौर पर एक आलामीया की ख़िलाफ़वरज़ी के इल्ज़ाम में हिरासत में ले लिए गए। पुलिस का दावा है की आलामीया के ज़रीये गुजरात असेम्बली की सिम्त कोई भी जुलूस निकालने पर इमतिना आइद किया गया है। कांग्रेस ने शहर में नौजवानों के इजतिमा का एहतिमाम किया था जिस के बाद जुलूस की शक्ल में गुजरात असेम्बली सिम्त जाने लगे।

पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की और कहा कि कांग्रेस को सिर्फ़ जल्सा-ए-आम के इनीक़ाद की इजाज़त दी गई थी ,जलूस की नहीं । झड़प के बाद पुलिस ने हल्का लाठी चार्ज किया जिस से इस मुक़ाम पर हलचल पैदा होगई कांग्रेस क़ाइदीन बिशमोल सदर प्रदेश कांग्रेस अर्जुन मोधवादया , क़ाइद अप्पोज़ीशन शंकर सिन्हा वाघेला और साबिक़ क़ाइद मुक़न्निना कांग्रेस सिद्धार्थ पटेल , 14अरकाने असेम्बली और 200 से ज़ाइद कांग्रेस कारकुन गिरफ़्तार करलिए गए।

उन्हें गुजरात पुलिस क़ानून की दफ़ा 68 के तहत गिरफ़्तार किया गया कांग्रेस पार्टी को जल्सा-ए-आम की इजाज़त दी जलूस निकालने की नहीं । गांधी नगर सपरनटनडनट पुलिस शरद सिंघल ने कहा कि जल्सा-ए-आम के बाद रियास्ती असेम्बली की सिम्त जुलूस निकाला गया जिसकी वजह से आलामीया की ख़िलाफ़वरज़ी पर कांग्रेस कारकुनों बिशमोल 14 अरकान असेम्बली को गिरफ़्तार कर लिया गया। कांग्रेस अरकाने असेम्बली को रियास्ती असेम्बली से नज़म-ओ-ज़बत की ख़िलाफ़वरज़ी के इल्ज़ाम में दो दिन के लिए मुअत्तल किया गया है जिस के बाद उन्होंने इजलास का बाईकॉट किया। गुजरात पुलिस क़ानून की दफ़ा 68 के बमूजब तमाम अफ़राद को पुलिस ओहदेदार की वाजिबी हिदायात की तामील करना चाहीए जो वो अपने फ़राइज़ की अंजाम दही के दौरान देता हो।

अवामी इजतिमा का एहतिमाम यूथ कांग्रेस और नेशनल स्टूडैंटस यूनीयन आफ़ इंडिया ( इन एस यू आई )ने जो कांग्रेस का नौजवानों का शोबा है ,किया था ताकि रियासत में शिद्दत के करप्शन ,तालीम के शोबे को तिजारत बना देना और गुज़िशता 20 साल से रियासत में नौजवानों की बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी जैसे मसाइल को उजागर किया जा सके। बी जे पी दौरे हुकूमत में इन तमाम ख़राबियों के पैदा होने का कांग्रेस की तरफ‌ से इद्दिआ किया गया है।

54 करोड़ रुपये के चूने के पत्थर के कानकनी के मुक़द्दमा में पर बंदर की एक अदालत की तरफ‌ से तीन साल की सज़ाए क़ैद सुनाए जाने के बावजूद बाबू बोखीरया काबीनी वज़ीर बरक़रार हैं। एक कांग्रेस कारकुन ने कहा कि नरेंद्र मोदी हुकूमत ने उन्हें विज़ारत का क़लमदान सौंपा है। बी जे पी दौरे हुकूमत में करप्शन इंतिहा-ए-को पहुंच चुका है एक और पार्टी कारकुन ने कहा कि तालीमात ,सेहत ,रोज़गार के शोबों में इनफ्रास्ट्रक्चर की तामीर पर रक़म सिर्फ़ करने के बजाय रियास्ती हुकूमत सनअतकारों को करोड़ों रुपये की मदद दे रही है।

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