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गुजरात की बीजेपी हुकूमत से केसीआर को सीखने की ज़रूरत

हैदराबाद 02 मई बी य सी कमीशन का क़ियाम और रिजर्वेशन की सिफ़ारिश के बग़ैर मुस्लमानों की तरक़्क़ी नहीं हो सकती रिजर्वेशन के लिए मुस्लमानों की पुरअमन तहरीक सारे मलिक के लिए मिसाल है।

रियासत तेलंगाना में एडिटर सियासत ज़ाहिद अली ख़ां ने मुसलमानों को 12 फ़ीसद रिजर्वेशन की फ़राहमी के लिए जो तहरीक शुरू की है वो रियासत के कोने कोने में पहुंच गई है। मुसलमानों को अंदाज़ा हो गया है कि मुलाज़िमतों और तालीमी शोबे में 12 फ़ीसद रिजर्वेशन की फ़राहमी से सरकारी मुलाज़िमतों और पेशावराना तालीमी कोर्सेस मैं हज़ारों और लाखों मुसलमानों के लिए मवाक़े फ़राहम होंगे जिसके नतीजे में उनकी मआशी और तालीमी हालत बेहतर होगी।

मुल्क के दुसरे मुक़ामात खास्कर गुजरात में पटेलों, हरियाणा में जाटों, राजिस्थान में गुज्जरों और आंध्र में कापूओं ने रिजर्वेशन के लिए जो तहरीकें चलाई हैं वो तशद्दुद से पुर रहीं। जिनमें लाखों करोड़ रुपये मालियती सरकारी-ओ-ख़ानगी इमलाक तबाह-ओ-बर्बाद कर दी गईं। बेशुमार इन्सानी जानों का इत्तेलाफ़ हुआ। हद तो ये है कि एहतेजाजी मुज़ाहिरों के दौरान दर्जनों ख़वातीन की इस्मत रेज़ि भी की गई। हरियाणा में जाटों ने एहतेजाजी मुज़ाहिरों से होने वाले नुक़्सान के बारे में बताया गया कि इन एहतेजाजी मुज़ाहिरों से 34 हज़ार करोड़ रुपये का नुक़्सान हुआ है।

21 फरवरी को मंज़र-ए-आम पर आई एक और रिपोर्ट के मुताबिक़ 20 हज़ार करोड़ रुपये के नुक़्सानात हुए हैं। 30 से ज़ाइद लोग मारे गए। कम अज़ कम दस ख़वातीन की इस्मतों को तार-तार किया गया। इस एहतेजाज से पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजिस्थान और उत्तरप्रदेश को भी ज़बरदस्त माली नुक़्सानात से दो-चार होना पड़ा। सिर्फ रेलवेज़ को 55.92 करोड़ रुपये का नुक़्सान बर्दाश्त करना पड़ा। राजिस्थान में गुज्जरों के एहतेजाजी मुज़ाहिरों ने रेलवे को यौमिया 15 करोड़ रुपये का नुक़्सान पहुंचाया है।

साहिली आंध्र में कापूओं के एहतेजाज ने ज़बरदस्त तबाही मचाई और हज़ारों करोड़ रुपये के नुक़्सानात हुए। गुजरात में भी 50 हज़ार करोड़ रुपये के नुक़्सानात का अंदाज़ा लगाया गया है जबकि तेलंगाना में मुस्लमान रिजर्वेशन के लिए इंतेहाई पुरअमन अंदाज़ में तहरीक चला रहे हैं ताहाल हुकूमत या अवाम को एक पैसे का भी नुक़्सान नहीं हुआ।

तेलंगाना रियासत में मुसलमानों को रिजर्वेशन की फ़राहमी के मसले पर जो तहरीक चलाई जा रही है इस का लाज़िमी नतीजा ये होना चाहीए कि रियासत में बीसी कमीशन क़ायम करके मुसलमानों की मआशी समाजी और तालीमी पसमांदगी की बुनियाद पर बीसी कमीशन से रिजर्वेशन की सिफ़ारिश हासिल की जाये और अगर बीसी कमीशन की सिफ़ारिश की बुनियाद पर मुसलमानों को रिजर्वेशन फ़राहम किए जाते हैं तो वही बेहतर हो सकते हैं और उन्हें से मुसलमानों की हक़ीक़ी माअनों में तरक़्क़ी हो सकती है।

बीसी कमीशन ही वो वाहिद मजाज़ कमीशन हो सकता है जिसकी सिफ़ारिश पर मुसलमानों को रिजर्वेशन फ़राहम हो सकते हैं और उन्हें अदालती कशाकश से भी बचाया जा सकता है। चीफ़ मिनिस्टर के चंद्रशेखर राव‌ ने अलाहिदा तेलंगाना तहरीक के दौरान और फिर असेंबली चुनाव से पहले रियासत के मुसलमानों को तालीम और रोज़गार में 12 फ़ीसद रिजर्वेशन फ़राहम करने का वादा किया।

तेलंगाना बिना ख़ौफ़-ओ-ख़तर मुसलमानों को जल्द से जल्द 12 फ़ीसद रिजर्वेशन की फ़राहमी का एलान करना चाहीए ताके पिछले दो बरसों के दौरान हिन्दुस्तानी मुआशरे के इस सबसे ग़रीब तबक़ा में जो बेचैनी फैली हुई है वो इस बेचैनी का ख़ातमा हो जाएगी। गुजरात में पटेलों को दिए जा रहे रिजर्वेशन तेलंगाना की हुकूमत के लिए एक बेहतरीन मिसाल है।

सिर्फ केसीआर को अज़म-ओ-हौसले का मुज़ाहरा करना होगा। अगर वो रियासत के पुरअमन और ग़रीब मुसलमानों को 12 फ़ीसद रिजर्वेशन फ़राहम करते हैं तो मुस्तक़बिल में केसीआर हुकूमत को कोई ख़तरा लाहक़ नहीं होगा।

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