Thursday , June 21 2018

गुजरात की फ़सताई ताकतें पंजाबी काश्तकारों को धमकाने में मुलव्विस

बी जे पी पर दरपर्दा तन्क़ीद करते हुए मर्कज़ी वज़ीर मनीष तीवारी ने आज दावा किया कि पंजाबी काश्तकारों को गुजरात की फ़सताई ताकतें जो वहां बरसर-ए‍-इक़तेदार हैं, धमकियां दे रही हैं और गुजरात से उनका इख़राज करने की कोशिश कर रही हैं। मर्कज़ी वज़ीर इत्तिलाआत-ओ-नशरियात ने फ़सताई ताक़तों को ख़बरदार किया कि अगर वो आज़ाद ख़्याली और सक़ाफ़्ती तरक़्क़ी के लिए ख़तरा बन जाएं तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी।

वो एक स्टूडीयो और प्रोग्राम ख़िदमात की इफ़्तिताही तक़रीब से ख़िताब कररहे थे। उन्होंने कहा कि गुजरात के पंजाबी काश्तकार फ़सताई ताक़तों के इस्तिहसाल का शिकार हैं, हालाँकि कई अदालतें उनकी ताईद में फैसले कर चुकी हैं। उन्होंने अवाम से अपील की कि वो इस बात को यक़ीनी बनाएं कि एसी ताक़तों को सर उठाने की इजाज़त ना दी जाये।

उन्होंने कहा कि पंजाब खासतौर पर लुधियाना जैसे इलाक़े में अज़ीम फ़नकार जैसे साहिर लुधियानवी पैदा हुए थे, यहां के अवाम को इसी ताक़तों के उरूज पर फ़िक्र होनी चाहिए जो आज़ाद ख़्याली को अपना अव्वलीन हदफ़ क़रार देती हैं। मनीष तीवारी ने हकूमत-ए-पंजाब से ख़ाहिश की कि वो पंजाब में किसी जगह पंजाबी फ़िल्मी सनअत के क़ियाम में सहूलत फ़राहम करने की तजवीज़ से दसतबरदारी इख़तियार करले।

उन्होंने कहा कि अकालियों को ये वहम हो गया है कि तमाम तरक़्क़ियाती प्रोजेक्टस भटिंडा में ही क़ायम किए जा सकते हैं। उन्होंने निशानदेही की कि मराठी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, कनड़ी और बंगाली फिल्में मुंबई, चेन्नाई, हैदराबाद,तिरुवनंतपुरम, बैंगलोर और कोलकता में तैयार की जाती हैं।

इस लिए कोई वजह नहीं कि पंजाबी फिल्में रियासत पंजाब के किसी भी मुक़ाम पर तैयार ना की जाएं।

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