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गुजरात के मुल्ज़िम आई पी एस ओहदेदार को मुराआत

अहमदाबाद, 30 अप्रैल: ( पी टी आई ) गुजरात के एक आई पी एस ओहदेदार को जिसे फ़र्ज़ी एनकाउंटर मुक़द्दमात में गिरफ़्तार किया गया है कैमरा में पुलिस स्क्वाएड के बगैर नक़ल-ओ-हरकत करते हुए और रात अपने घर में गुज़ारते हुए दिखाया गया है हालाँकि वो अद

अहमदाबाद, 30 अप्रैल: ( पी टी आई ) गुजरात के एक आई पी एस ओहदेदार को जिसे फ़र्ज़ी एनकाउंटर मुक़द्दमात में गिरफ़्तार किया गया है कैमरा में पुलिस स्क्वाएड के बगैर नक़ल-ओ-हरकत करते हुए और रात अपने घर में गुज़ारते हुए दिखाया गया है हालाँकि वो अदालती तहवील में है। इस हक़ीक़त के मंज़र-ए-आम पर आते ही रियासती हुकूमत ने वाक़िया की तहकीकात का हुक्म दिया है।

डायरेक्टर जनरल पुलिस अमीताभ पाठक ने कहा कि इस वाक़िया की आला सतही तहकीकात का हुक्म दिया गया है । आई पी एस ओहदेदार राजकुमार पांडियन को सुहराब अली उद्दीन शेख फ़र्ज़ी एनकाउंटर मुक़द्दमा में मुंबई जेल में रखा गया था। उन्हें कल रात महाराष्ट्रा पुलिस ने करना वित्ती एक्सप्रेस के ज़रीया अहमदाबाद मुंतक़िल किया और उन के हमराह मुंबई पुलिस एस्कार्ट भी था ।

उन्हें तुलसी प्रजापति एनकाउंटर मुक़द्दमा में सी बी आई अदालत के रू ब रू पेश किया जाने वाला है । लेकिन मुक़ामी टी वी चैनल ने उन के यहां तकरीबन 9:20 बजे शब पहूंचने के बाद उसे वीडियोज़ दिखाए जिस में ये बताया गया कि राजकुमार पांडियन को गवर्नमेंट रेस्ट हाउस ले जाया गया हालाँकि पुलिस एस्कार्ट को चाहीए था कि उन्हें साबरमती सेंटर्ल जेल ले जाते ।

फूटेज में ये भी दिखाया गया कि सरकारी रेस्ट हाउस पहूँचते ही पांडियन ने पुलिस एस्कार्ट से छुटकारा हासिल कर लिया और वो एक ख़ानगी कार में सीधे अपने घर वाकेए प्रहलाद नगर इलाक़ा गए और उन्होंने रात वहीं गुज़ारी । वीडियो क्लिप के मुताबिक़ दूसरे दिन सुबह यानी आज पांडियन रेस्ट हाउस पहूंचे । उन्होंने दरमियानी रास्ता में ख़ानगी कार तब्दील कर दी और फिर यहां से वो पुलिस एस्कार्ट के हमराह सी बी आई अदालत गए ।

डायरेक्टर जनरल पुलिस अमीताभ पाठक ने बताया कि हमें सब से पहले ये मालूम करना है कि ये ज़िम्मेदारी मुंबई पुलिस की है या गुजरात पुलिस की । हम ने इस मुआमले की तहकीकात का हुक्म दिया है और एडीशनल डी जी पी ( ला एंड आर्डर ) शिवानंद झा को मुआमले की तहकीकात की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है ।

सी बी आई चार्ज शीट के मुताबिक़ राजकुमार पांडियन गुजरात पुलिस की उस टीम का हिस्सा थे जिस ने मुबय्यना तौर पर सुहराब उद्दीन और उन की अहलिया कौसर बी का हैदराबाद से अग़वा किया था । सुहराब उद्दीन को नवंबर 2005 में मुबय्यना तौर पर फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हलाक कर दिया गया ।

राजकुमार पांडियन एक और मुक़द्दमा में भी मुल्ज़िम हैं। तुलसी राम प्रजापति के फ़र्ज़ी एनकाउंटर में इन्हे मुल्ज़िम क़रार दिया गया। तुलसी राम प्रजापति इस से पहले होने वाले सुहराब उद्दीन और कौसर बी के एनकाउंटर का ऐनी गवाह था । पांडियन को दीगर मुल्ज़िमीन के हमराह ख़ुसूसी सी बी आई अदालत में पेश किया जाने वाला था ।

ये वाक़िया ऐसे वक़्त मंज़र-ए-आम पर आया जब कि सी बी आई ने गुजरात हुकूमत पर फ़र्ज़ी एनकाउंटर मुक़द्दमा में एक और मुल्ज़िम पुलिस ओहदेदार की पुश्तपनाही का इल्ज़ाम आइद किया है । इम्कान है कि सी बी आई मंगल को गुजरात हाइकोर्ट से रुजू होकर सीनीयर आई पी एस ऑफीसर-ओ-एडीशनल डायरेक्टर जनरल सी आई डी पी पी पांडे की गिरफ़्तारी वारंट का तक़ाज़ा करेगी ।

तहक़ीक़ाती एजेंसी ने उन पर इशरत जहां फ़र्ज़ी एनकाउंटर मुक़द्दमा में मुलव्वस होने का इल्ज़ाम आइद किया है । क़ब्ल अज़ीं सी बी आई अदालत ने पांडेय की गिरफ़्तारी वारंट के लिए सी बी आई की दरख़ास्त मुस्तरद कर दी थी । एजेंसी ने अदालत को बताया था कि पांडेय रुख़सत अलालत पर हैं और उन्होंने दो मर्तबा समन जारी करने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया।

दूसरी तरफ़ हुकूमत का ये मौक़िफ़ है कि पांडेय के बारे में उसे कोई इत्तिला नहीं है ।

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