Saturday , December 16 2017

गुजरात चुनाव : भाजपा के भीतर बगावत के सुर, टिकट न मिलने से नाराज नेताओं ने दिए इस्तीफे

गांधीनगर : गुजरात चुनाव के पहले भाजपा की मुश्‍किलें बढ़ गयीं हैं. शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी ने उम्मीवारों की पहली लिस्ट जारी की जिसके बाद पार्टी के भीतर से बगावत के सुर उठने लगे. कई नेता टिकट न मिलने से बेहद नाराज नजर आये. इन नेताओं की नाराजगी का आलम यह था कि उन्होंने पार्टी प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघानी को तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा पकड़ा दिया

पहली सूची आने के बाद शुक्रबवार शाम तक ही पार्टी में इस्तीफे का सिलसिला शुरू हो गया था. इनमें अंकलेश्वर विधानसभा सीट पर भाई ने ही अपने भाई के टिकट का विरोध किया.

टिकट की घोषण होने के बाद भरुच जिला पंचायत के सदस्य वल्लभ पटेल ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफा देने वाले वल्लभ पटेल, ईश्वर पटेल के अपने भाई हैं. अंकलेश्वर सीट से वल्लभ पटेल ने भी पार्टी से टिकट मांगा था. दशरथ पुवार ने जिला भाजपा महामंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. वड़ोदरा में भी दिनेश पटेल को टिकट दिये जाने से पार्टी में बगावती सुर खड़े होने शुरू हो गये हैं. पादरी जिला पंचायत और तहसील पंचायत के नेता कमलेश पटेल ने भी पार्टी छोड़ दिया है. वहीं वडोदरा जिला महामंत्री चैतन्य सिंह झाला ने भी पार्टी को इस्तीफा पकड़ा दिया है.

पिछले दिनों ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए भोलाभाई गोहिल भी नाराज नजर आ रहे हैं. उन्होंने जसदण सीट से टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने उनपर भरोसा नहीं दिखाया जबकि वो इस सीट से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं. इतना ही नहीं गोहिल ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने की हिम्मत जुटायी थी, लेकिन इस सीट से भरत बोगरा को टिकट दिया गया. बताया जा रहा है कि नाराज गोहिल शनिवार को जीतु वाघानी से मुलाकात कर अपनी बात रख सकते हैं.

भाजपा ने इस बार 70 में से मात्र चार महिलाओं को ही उम्मीदवार बनाया है. ​टिकट लेने में जो कामयाब रहीं उनमें से सूरत की लिंबायत सीट से विधायक संगीता बेन पाटिल, वडोदरा सुरक्षित सीट से मनिषाबेन वकील, भावनगर पूर्व से विभावरीबेन देव और खेडब्रह सीट से रमीला बेन बेचर शामिल हैं.

भाजपा ने पार्टी ने सुरेंद्र नगर जिले से विधायक वर्षा बेन दोशी का टिकट काटा है. वह वढवाण विधानसभा सीट से अपनी दो बार से विधायक हैं. उनका टिकट काट कर धनजीभाई पटेल को टिकट दिया है.

गोधरा की प्रतिष्ठा बचायेंगे कांग्रेस विधायक राऊल जी
जिस गोधरा कांड से गुजरात में 2002 के दंगे हुए. उस गोधरा विस सीट पर भाजपा को लगातार हार झेलनी पड़ती थी. कांग्रेस के सीके राऊलजी की छवि को इस बार भाजपा ने भुनाने के लिए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है.

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