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गुजरात: बोद्ध धर्म अपनाने वाले दलितों को धर्म परिवर्तन की मान्यता नहीं दे रही सरकार

ऊना: गुजरात के ऊना में काफी संख्या में दलितों ने बौद्ध धर्म अपनाया था उस घटने के बाद दलित आंदोलन ने एक नया मोड़ लिया है. अत्याचार और दमन सहने के बाद दलित समुदाय अब नए विचार के साथ आगे बढ़ रहा है,लेकिन इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि गुजरात सरकार इसे धर्म परिवर्तन मान ही नहीं रही है.

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ETV के अनुसार,गुजरात इस देश का इकलौता राज्य है जहां अलग से धार्मिक स्वतंत्रता कानून लागू है. गुजरात सरकार ने 2003 में गुजरात धर्म स्वातंत्र्य अधिनियिम बनाया था. इसके तहत कलेक्टर की अनुमति के बिना धर्म परिवर्तन करना गुनाह माना जाता है और अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है. फिर भी अगर कोई व्यक्ति धर्म परिवर्तन करना चाहता है तो उसे सबसे पहले कलेक्टर को आवेदन करना होता है और एक महीने के भीतर इसकी अनुमति लेनी होती है.
इस के बावजूद दशहरा के दिन राज्य में 500 से ज्यादा लोग बौद्ध बन गए जिसमें से अहमदाबाद के 125 लोग हैं और दिन ब दिन ये आकंड़ा बढ़ता जा रहा है.
सरकार की दलील है कि बौद्ध धर्म, हिंदू धर्म का ही एक हिस्सा है तो इसे धर्म परिवर्तन कैसे माना जा सकता हैं.अब बौद्ध धर्म को धर्म परिवर्तन की श्रेणी में रखा जाए या नहीं ये एक बड़ा सवाल है.
दलित नेता और बुद्धिस्ट रमेशभाई बेंकर ने ETV से बात चीत में कहा की, किसी को लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाना गुनाह है तो किसी को धर्म परिवर्तन के लिए रोकना भी गुनाह है.

बता दें कि गुजरात राज्य में बौद्ध दीक्षा अंगीकार करने वाले 1300 लोगों के धर्म परिवर्तन के आवेदन पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है. ये आवेदन छह साल पुराने है. 2010 में अहमदाबाद में बौद्ध दीक्षा को लेकर धर्म परिवर्तन के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन आज भी 1300 आवेदन पत्र पर कोई जवाब नहीं मिला है.
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले दलित समुदाय के कुछ सदस्यों की पिटाई करते लोगों का एक वीडियो वायरल हुआ था. एक मरी हुई गाय की खाल उतारने पर दलित बच्चों की पिटाई करने वाले लोगों ने खुद को गोरक्षक होने का दावा किया था.इसके बाद दलितों का गुस्सा फूट पड़ा था और सौराष्ट्र में सात दलित युवकों ने आत्महत्या के प्रयास किए थे. समुदाय के गुस्साए लोगों ने सरकारी बसों पर पथराव भी किया था. इस मामले में गुजरात पुलिस ने 11 जुलाई की घटना के संबंध में सात अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था.

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