Friday , December 15 2017

गुजरात में अब भी फाकाकशी, बेकारी और दावा मुल्क को सुधारने का

भाकपा के जेनरल सेक्रेटरी एस सुधाकर रेड्डी ने जुमा को गांधी मैदान में अवामी गम व गुस्सा रैली को खिताब करते हुए कांग्रेस व भाजपा दोनों की जम कर तनकीद की। कहा, दोनों कारपोरेट घरानों की वकालत करते हैं। गरीबों – पसमान्दा तबकात के खिलाफ

भाकपा के जेनरल सेक्रेटरी एस सुधाकर रेड्डी ने जुमा को गांधी मैदान में अवामी गम व गुस्सा रैली को खिताब करते हुए कांग्रेस व भाजपा दोनों की जम कर तनकीद की। कहा, दोनों कारपोरेट घरानों की वकालत करते हैं। गरीबों – पसमान्दा तबकात के खिलाफ काम कर रहे हैं।

पार्टी जेरनल सेक्रेटरी ने नरेंद्र मोदी और उनके गुजरात मॉडल को गरीब मुखालिफ बताया और कहा कि वहां गरीब तबके के बच्चे फाकाकशी के शिकार हैं और नरेंद्र मोदी मुल्क से गरीबी मिटाने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने मुल्क में फिरका परस्त ताकतों के उरुज पर तशवीश ज़हीर की और कहा, गुजरात में हुए 2002 के दंगे के तर्ज पर मुजफ्फरनगर में भी मुसलमानों पर हमला किया गया। उन्होंने कहा, इंतिखाबात में फिरका परस्त पार्टियों की कियादत वाले इत्तिहाद को हराना जरूरी है। इसके लिए लेफ्ट और सेकुलर पार्टियों को इत्तिहाद बनानी होगी।

क़ौमी जेनरल सेक्रेटरी ने भाजपा पर हमला जारी रखते हुए कहा कि इसने बिहार में जमीन बेहतरी कानून को रोका। डी बंद्योपाध्याय कमेटी की सिफारिश की बुनियाद पर कुछ बेहतरी की बहस हुई थी लेकिन, भाजपा ने इसे अमल में नहीं लाने दिया। रेड्डी के इस एलान को पार्लियामेंट इंतिखाबत में भाकपा के जदयू से नजदीकी बढ़ने का इशारा माना जा रहा है। अब तक लेफ्ट पार्टी ज़मीन बेहतरी कानून को लेकर नीतीश कुमार के खिलाफ हमलावर रहे हैं। सुधाकर रेड्डी के इस बयान से जदयू को बड़ी राहत मिल सकती है।

रैली की सदारत जब्बार आलम ने की यूएन मिश्र ने तजवीज रखा। बद्री नारायण लाल, साबिक़ एमपी शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, नागेंद्रनाथ ओझा, चंदेश्वर सिंह व सत्यनारायण सिंह समेत तमाम लीडर मौजूद थे। रैली में बड़ी तादाद में देही गरीबों की हिस्सेदारी थी।

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