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गुजरात फ़साद के दाग़ धोने की कोशिश मोदी की भूक हड़ताल का आग़ाज़

मुस्लिम कश फ़सादाद पर इज़हार-ए-अफ़सोस से गुरेज़ । अडवानी राजनाथ सिंह अरूण जेटली प्रकाश सिंह बादल और जुए ललीता के नुमाइंदों की शिरकत

मुस्लिम कश फ़सादाद पर इज़हार-ए-अफ़सोस से गुरेज़ । अडवानी राजनाथ सिंह अरूण जेटली प्रकाश सिंह बादल और जुए ललीता के नुमाइंदों की शिरकत
अहमदाबाद 17 सितंबर ( पी टी आई ) गुजरात में हुए 2002 के मुस्लिम कश फ़सादाद के दाग़ धोने की कोशिश करते हुए चीफ़ मिनिस्टर मिस्टर नरेंद्र मोदी ने अमन और फ़िर्कावाराना यकजहती केलिए आज अपनी सहि रोज़ा भूक हड़ताल का आग़ाज़ करदिया और उन्हों ने कहा कि इस भूक हड़ताल के नतीजा में वोट बैंक की सियासत का ख़ातमा होगा । उन्हों ने ताहम माबाद गोधरा वाक़िया हुए मुस्लिम कश फ़सादाद पर किसी तरह का अफ़सोस ज़ाहिर करने से गुरेज़ क्या । हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एहसान जाफरी क़तल केस में मोदी के ख़िलाफ़ कोई हुक्मनामा जारी करने से इनकार करते हुए मुक़द्दमा अहमदाबाद लोअर कोर्ट को मुंतक़िल करदिया था । मोदी आज अपनी सालगिरा के दिन आवर कंडीशंड गुजरात यूनीवर्सिटी कनवेनशन सैंटर में भूक हड़ताल पर बैठे । उन के साथ आली बी जे पी क़ाइदीन और हलीफ़ जमातों के नुमाइंदे भी मौजूद थे । नरेंद्र मोदी ने भूक हड़ताल के आग़ाज़ पर वहां मौजूद अवाम से ख़िताब भी किया । उन्हों ने कहा कि 2002 में भी उन्हों ने कहा था कि इस तरह के फ़सादाद एक मुहज़्ज़ब समाज में नहीं होने चाहीए थे । उस वक़्त भी उन्हें इन फ़सादाद पर तकलीफ़ हुए थी और आज भी वो इस तकलीफ़ को महसूस करते हैं। यहां मौजूद अवाम में अक़ल्लीयती बिरादरीयों मुस्लमानों सिखों और ईसाईयों की भी ख़ासी तादाद देखी गई । गुजरात में हुए फ़सादाद केलिए अक्सर-ओ-बेशतर ज़िम्मेदार क़रार दिए जाने वाले नरेंद्र मोदी ने ताहम उन फ़सादाद केलिए किसी अफ़सोस या माज़रत का इज़हार नहीं किया ताहम उन्हों ने कहा कि वो इस बात को यक़ीनी बनाना चाहते थे कि गुजरात इंसानियत की हदों से नीचे ना गरजाए । मोदी ने अपनी 62 वीं सालगिरा पर अपनी वालिदा से आशीर्वाद लेते हुए भूक हड़ताल का आग़ाज़ किया जिस के जवाब में सीनीयर कांग्रेस लीडर मिस्टर शंकर सिन्हा वाघेला भी भूक हड़ताल कर रहे हैं। मिस्टर वाघेला साबरमती आश्रम के क़रीब एक फुटपाथ पर कांग्रेस क़ाइदीन और वर्कर्स के साथ भूक हड़ताल बैठे हैं। मोदी के साथ भूक हड़ताल के आग़ाज़ के वक़्त बी जे पी के आली क़ाइदीन ईल के अडवानी राजनाथ सिंह अरूण जेटली रवी शंकर प्रसाद मुख़तार अब्बास नक़वी और राजीव प्रताप रूडी भी मौजूद थे जबकि चीफ़ मिनिस्टर पंजाब मिस्टर प्रकाश सिंह बादल के इलावा अना डी ऐम के के क़ाइदीन ऐम थमबी दौराई और वे माईतरीन भी वहां पहूंचे थे । ताहम बी जे पी की देरीना हलीफ़ जय डीयू के क़ाइदीन यहां मौजूद नहीं थे । अना डी ऐम के की सरबराह-ओ-चीफ़ मिनिस्टर टामलनाडो जय जुए ललीता ने चेन्नाई में कहा कि मोदी की भूक हड़ताल केलिए उन की ताईद इज़हार ख़ैरसिगाली केलिए है । उन्हों ने ताहम सयासी मौक़िफ़ में किसी तरह की तबदीली को मुस्तर्द करदिया । मिस्टर प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि जब बेहतर हुक्मरानी और तरक़्क़ी की बात आती है तो सारा हिंदूस्तान मिस्टर मोदी की जानिब देखता है । ईल के अडवानी ने गुजरात की तरक़्क़ी केलिए नरेंद्र मोदी की सताइश करते हुए कहा कि अगर सारा मुल़्क नरेंद्र मोदी की तरह कुरप्शन और दहश्तगर्दी के ख़िलाफ़ सख़्त तरीन रवैय्या इख़तियार करले तो फिर हिंदूस्तान आलमी सतह पर नई बुलंदीयों को छू सकता है । रियासत को तरक़्क़ी की बुलंदीयां अता करने पर मोदी की सताइश करते हुए उन्हों ने कहा कि मोदी ने छः करोड़ गुजरातियों के उरूज के ताल्लुक़ से जो कुछ कहा है वो दरुस्त है । गुजरात की तरह किसी और रियासत ने 11 फ़ीसद की शरह से तरक़्क़ी नहीं की है । नरेंद्र मोदी की तक़रीर पर तबसरा करते हुए अरूण जेटली ने कहा कि आइन्दा चंद महीनों में नरेंद्र मोदी जो कुछ कहते हैं इस के हर हर लफ़्ज़ का जायज़ा लिया जाएगा। उन्हों ने कहा कि एक जानिब गुजरात है जहां ऐसी हुकूमत है जो रियासत को नई बुलंदीयां अता कर रही है जबकि दूसरी जानिब मर्कज़ी सतह पर कुरप्शन और ख़सताहाली की परेशानकुन सूरत-ए-हाल है । इन तक़ारीर के दौरान ख़ास बात ये देखी गई कि मुस्लिम मर्द-ओ-ख़वातीन और लड़कीयां स्टेज पर पहूंच कर मिस्टर मोदी को मुबारकबाद दे रही थीं। अपनी तक़रीर में मोदी ने कहा कि सैकूलर अज़म और वोट बैंक की सियासत के नाम पर हिंदूस्तान को तक़सीम किया जा रहा है । ज़ात पात और फ़िरक़ों के झगड़े पैदा किए जा रहे हैं। ये वाज़िह करते हुए कि इन की भूक हड़ताल किसी के ख़िलाफ़ नहीं है । गुजरात सिर्फ़ तरक़्क़ी करना चाहता है और हिंदूस्तान की ख़िदमत करना चाहता है । उन्हों ने कहा कि हम सद भावना पैदा करना चाहते हैं और यही हमारी ताक़त है । तरक़्क़ी हमारा असल मक़सद है और एक दुनिया केलिए तरक़्क़ी का एक नमूना फ़राहम करना चाहते हैं जो अमन यकजहती और भाई चारा से तैय्यार किया जा सकता है । उन्हों ने कहा कि इन की भूक हड़ताल वक़्त की अहम ज़रूरत है । उन्हों ने कहा कि गुजरात में आज जो सूरत-ए-हाल है इस के लिए छः करोड़ गुजरातियों ने सख़्त जद्द-ओ-जहद की है । उन्हों ने कहा कि अगर वो भूक हड़ताल करते हैं तो उन की आवाज़ में मज़ीद असर पैदा होगा और ये आवाज़ और ज़्यादा अवाम तक पहूँचीगी । यही मक़सद है कि वो भूक हड़ताल कर रहे हैं और उन्हें किसी के ख़िलाफ़ कोई ग़ुस्सा नहीं है । उन्हों ने कहा कि गुजरात के अवाम को हर तकलीफ़ से दूर रखने केलिए गुज़शता दस साल में उन्हों ने कई हमले सहे हैं। वो नहीं चाहते कि गुजरात इंसानियत की हदों से गरजाए । उन्हों ने कहा कि वो चाहते हैं कि अपनी सारी ज़िंदगी गुजरात के अवाम केलिए वक़्फ़ करदें। चीफ़ मिनिस्टर ने कहा कि आज सारा मलिक और सारी दुनिया गुजरात की तरक़्क़ी पर तबादला-ए-ख़्याल कर रही है चाहे ये सनअती तरक़्क़ी हो या ज़रई तरक़्क़ी हो देही तरक़्क़ी हो या तालीम हो या सेहत का शोबा हो । गुजरात ने हर शोबा में मिसाली तरक़्क़ी की है । उन्हों ने तन्क़ीदें करने वालों का हवाला देते हुए कहा कि हम पर मुसलसल पत्थर बरसाए जाते रहे और हम ने इन ही पत्थरों को इस्तिमाल करते हुए तरक़्क़ी की सीढ़ीयां बना ली हैं।
उन्हों ने गुजरात फ़सादाद के ताल्लुक़ से कहा कि इस वजह से गुजरात को बदनाम करने की मुहिम चलाई गई और कहा गया कि गुजरात तबाही के रास्ता पर है लेकिन हम ने हालात से पूरी ताक़त और सलाहीयत से निमटा और सब को ग़लत साबित करदिया है । आज गुजरात अमन और इत्तिहाद के मुआमला में सारे मलिक को एक मिसाल पेश करता है । गुजराती अवाम ने मुसलसल मुश्किलात के बावजूद तरक़्क़ी करते हुए ये साबित करदिया कि वो मुख़्तलिफ़ तर्ज़ के लोग हैं।

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