Saturday , December 16 2017

गुज‌रात में आसाराम के आश्रम को जला दिया गया

ख़ुदसाख्ता भगवान आसाराम बापू का आश्रम मौक़ूआ मौज़ा पारिया, ताल्लुक़ा पारडी जुज़वी तौर पर जला दिया गया। ये काम करने वाले कोई और नहीं बल्कि आसाराम के साबिक़ अकीदतमंद ही थे।

ख़ुदसाख्ता भगवान आसाराम बापू का आश्रम मौक़ूआ मौज़ा पारिया, ताल्लुक़ा पारडी जुज़वी तौर पर जला दिया गया। ये काम करने वाले कोई और नहीं बल्कि आसाराम के साबिक़ अकीदतमंद ही थे।

पुलिस ने बताया कि आसाराम के ख़िलाफ़ जिन्सी हिरासानी और इस्मत रेज़ि के मुआमलात मंज़र-ए-आम पर आने और उन्हें जेल भेज दिए जाने के मुआमलात ने उनके अकीदतमंदों को ना सिर्फ़ रंजीदा बल्कि ब्रहम भी कर दिया है। पुलिस ने बताया कि कल कुछ लोगों ने आसाराम बापू के आश्रम को जुज़वी तौर पर जला डाला हालाँकि इन ही लोगों ने अपनी आराजियात आश्रम की तामीर केलिए बतौर अतीया दी थी लेकिन जब आसाराम और इसके बेटे नारायण साई के ख़िलाफ़ पुलिस ने इस्मत रेज़ि के मुआमलात दर्ज किए तो अकीदतमंदों की अक़ीदत धरी की धरी रह गई।

यहां इस बात का तज़किरा एक बार फिर ज़रूरी है कि सूरत की दो लड़कियों ने हाल ही में आसाराम और उसके बेटे नारायण साई के ख़िलाफ़ उनकी इस्मत रेज़ि किए जाने की शिकायत दर्ज करवाई थी। दूसरी तरफ़ आसाराम और नारायण साई ने गुजरात हाइकोर्ट में दर्ख़ास्त दाख़िल की है कि उनके ख़िलाफ़ जिन्सी हिरासानी के मुआमलात को गलत‌ क़रार दिया जाये जबकि नारायण साई ने तो सूरत की अदालत में ज़मानत से पहले गिरफ़्तारी की दर्ख़ास्त का भी इदख़ाल किया है।

आसाराम को जोधपुर पुलिस ने एक स्कूली लड़की के साथ जिन्सी ज़्यादती करने की शिकायत पर गिरफ़्तार किया था जो इसके आश्रम में ही ज़ेर-ए-तालीम थी।

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