गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में दोषियों को उम्रकैद नही, बल्कि फांसी दी जाए: एसआईटी

गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में दोषियों को उम्रकैद नही, बल्कि फांसी दी जाए: एसआईटी

गुजरात: गुलबर्ग सोसायटी नरसंहार मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्ति की गई एसआईटी ने 11 दोषियों की  उम्र कैद की सजा पर ऊँगली उठाते हुए उन्हें फांसी की सजा की सिफारिश की है। आपको बता दें कि स्पेशल कोर्ट ने मामले की सुनवाई कर 17 जून 2016 को 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन पिछले हफ्ते एसआईटी ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी है जिसमें उन्होंने 11 दोषियों को मिली सजा और 14 लोगों की रिहाई को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है। गौरतलब है कि स्पेशल कोर्ट ने मामले में 24 आरोपियों को दोषी ठहराया था और 36 लोगों को बरी कर दिया था।
एसआईटी का कहना है कि जिन 12 दोषियों को सात साल की जेल और एक को 10 साल जेल की सजा दी गई है उन सबको उम्र कैद की जानी चाहिए क्योंकि ये तेरह लोग भीड़ का हिस्सा होने के साथ गैरकानूनी तरीके से इकट्ठा होने और आगजनी के आरोपी हैं इसलिए इन्हें ‘हत्यारा’ माना जाना चाहिए।

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