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गुलाम अली को बड़े गुलाम अली ख़ान संगीत अवार्ड

हैदराबाद,21 जनवरी मशहूर ग़ज़ल गुलुकार ग़ुलाम अली ने कहा कि हैदराबाद की बुनियाद अमन के सुरों से डाली गयी है। इसलिए यहाँ बदअमनी के लम्हें अधिक दिन नहीं टिक पाते।

हैदराबाद,21 जनवरी
मशहूर ग़ज़ल गुलुकार ग़ुलाम अली ने कहा कि हैदराबाद की बुनियाद अमन के सुरों से डाली गयी है। इसलिए यहाँ बदअमनी के लम्हें अधिक दिन नहीं टिक पाते।

ग़ुलाम अली को आज आन्ध्र प्रदेश सरकार के बड़े ग़ुलाम अली ख़ा संगीत पुरस्कार से नवाज़ा गया। रवींद्र भारती में मुनआ़किद त़करीब को मुख़ातिब करते हुए ग़ुलाम अली हिन्द-पाक के दरमियान मौजूदा हालात पर सीधे तऩकीद करने से बचते हुए उन्होंने कहा दिनों मुल्कों के बीच रिश्तों के सुरों की ठीक करने की ज़रूरत है। उन्होंने अपना राय अपनी ही गायी हुई ग़ज़ल के कुछ शेरों में ज़ाहिर की।

भुला भी दे उसे जो बात हो गयी प्यारे
नये चराग़ जला रात हो गयी प्यारे
न तेरी याद न दुनिया का ग़म न अपना ख्याल
अजीब सूरते हालात हो गयी प्यारे

गुलाम अली ने कहा कि उन्हें खुसनसीबी से शायरी और मूस़ीकी की सेवा करने का म़ौका मिला है। उन्होंने बड़े ग़ुलाम अली के नाम अवार्ड दिये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया कहा कि एक बड़ा नाम अपने नाम के साथ जुड़ जाने से अपने आपको बड़ा महसूस कर रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि अपने आपको बड़ा कहना भी `बात ग़लत है और बात है रुसवाई की।’

रियासती हुकूमत के तहज़ीबी मुशीर के.वी. रमणामूर्ति ने कहा कि हैदराबाद अमन, प्यार और मोहब्बत का शहर है, यह दक्कनी तहज़ीब का गहवारा है।

त़करीब में आन्ध्र-प्रदेश कल्चरल कॉन्सिल के सदर आर.वी. रमणामूर्ति, फिल्म हितायतकार के. विश्वनाथ एवं जे. भास्कर राव भी त़करीब में मौजूद थे। गुलूकार ख़ान अतहर, संगीता मित्रा एवं दीगर फनकारों ने ग़ज़लें पेश कीं।

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