Sunday , April 22 2018

गुलाम मुस्तफा खान समेत इन लोगों को मिला पद्म पुरस्कार

वर्ष 2018 के पद्म पुरस्कारों में हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत गायक गुलाम मुस्तफा खान, हिंदुत्व विचारक पी. परमेश्वरन, केरल के बिशप फिलीपोज एम क्रिसोस्तोम और 39 अन्य शख्सियत शामिल हैं। राष्ट्रपति कोविंद ने सभी विजेताओं को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया।

बता दें कि इस वर्ष के पुरस्कारों में सरकार ने समाज के गुमनाम नायकों को सम्मानित करने का वादा किया था। अपने वादे को लेकर सरकार ने इस साल ऐसी ही कई शख्सियतों को पद्म पुरस्कार से नवाजा है। विजेताओं में गरीबों की सेवा, मुफ्त शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूल संचालक और आदिवासी कला को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने वाले लोग शामिल हैं।
संगीतकार इलैयाराजा को पद्म विभूषण से नवाजा गया। इसके अलावा , विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी के प्रमुख परमेश्वरन और हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत गायक गुलाम मुस्तफा खान को भी पद्म विभूषण पुरस्कार से नवाजा गया। एक नजर अन्य विजेताओं पर

पद्म भूषण पुरस्कार विजेता

  • बिशप फिलीपोज एम क्रिसोस्तोम (आध्यात्म जगत)
  • रामचंद्रन नागास्वामी (इतिहासकार एवं पुरातत्व विज्ञानी)
  • वेद प्रकाश नंदा (कानूनी विद्वान)
  • पंडित अरविंद पारिख (सितार वादक)

पद्म श्री पुरस्कार विजेता
जिन 37 शख्सियतों को पद्म श्री पुरस्कार दिया गया उनमें स्मरण से 500 हर्बल औषधि बनाने वाली एवं खासतौर पर हजारों लोगों को सर्पदंश और कीटों के डंक के मामलों में मदद करने वाली केरल की आदिवासी महिला लक्षमीकुट्टी के अलावा आईआईटी कानपुर के छात्र रह चुके अरविंद गुप्ता  शामिल हैं। गुप्ता ने कई पीढ़ियों के छात्रों को विज्ञान सीखने में मदद की।

पद्म श्री से नवाजे गए विभूतियों की सूची

  • भज्जू श्याम (अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति बटोरने वाले गोंड कलाकार) गोंड मध्य प्रदेश की आदिवासी कला है। भज्जू इस शैली से यूरोप का चित्रण करने के लिए जाने जाते हैं।
  • सुभाषिनी मिस्त्री (पश्चिम बंगाल गरीबों के लिए अस्पताल बनाना) सुभाषिनी ने करीब 20 साल तक घरेलू सहायिका एवं दिहाड़ी मजदूर का काम कर अस्पताल बनवाया।
  • राजगोपालन वासुदेवन (तमिलनाडु निवासी राजगोपालन को भारत में प्लास्टिक सड़क निर्माता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने सड़क बनाने के लिए प्लास्टिक के दोबारा उपयोग की एक नवोन्मेषी पद्धति ईजाद की।
  • प्राण किशोर कौल (प्रख्यात कश्मीरी थियेटर कलाकार) कौल लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘गुल गुलशन गुलफाम’ के अपने स्क्रीन प्ले को लेकर चर्चित रहे हैं।
  • सुलगत्ती नरसम्मा (कृषि मजदूर)। उन्होंने कर्नाटक के पिछड़े इलाकों में बगैर किसी मेडिकल सुविधा के दाई की सेवाएं मुहैया कराई।
  • अरूप कुमार दत्ता (बच्चों के लिए 17 एडवेंचर उपन्यास लिखे) असम निवासी अरूप ने वयस्कों के लिए भी 6 पुस्तकें लिखी हैं।
  • सोमदेव किशोर देववर्मन (भारतीय टेनिस खिलाड़ी) को भी पद्म श्री से नवाजा गया है।

कुल 84 पद्म पुरस्कार
बता दें कि इस साल करीब 84 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। इसमें एक दोहरा मामला है जिसमें पुरस्कार एक ही गिना जाता है। सूची में तीन पद्म विभूषण, नौ पद्म भूषण और 72 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। हर वर्ष इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है।

विभिन्न क्षेत्रों में दिए जाते हैं पुरस्कार
पद्म पुरस्कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, औषधि, समाज कार्य, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, लोक मामले, सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में दिए जाते हैं। आज के कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समेत उनके मंत्रिपरिषद के सहकर्मी तथा अन्य गणमान्य लोग भी शरीक हुए।

गृह मंत्री ने की रात्रिभोज की मेजबानी 
इससे पहले गृह मंत्री  राजनाथ सिंह ने सोमवार देर रात पद्म पुरस्कार विजेता 43 प्रमुख लोगों के लिए के लिए रात्रिभोज की मेजबानी की। इस दौरान उन्होंने अपने अनुभव भी साझा किए।

राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि आज शाम पद्म पुरस्कार विजेताओं के साथ शानदार बातचीत हुई। उनके त्याग और समाज के लिए नि: स्वार्थ सेवा से जुड़ी उनकी कहानियों को सुनना वास्तव में बहुत अधिक प्रेरणादायक रहा। उनके परिवर्तनकारी कार्य सम्मान के हकदार हैं।

दो अप्रैल को भी दिए जाएंगे पद्म पुरस्कार
बताया जाता है कि यह पहला मौका था जब मंत्रालय की ओर से पद्म पुरस्कार विजेताओं के लिए रात्रि भोज का आयोजन किया गया। बता दें कि वर्ष 2018 के पद्म पुरस्कारों के लिए चुने गए शेष लोगों को दो अप्रैल को होने वाले एक अन्य विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
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