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गुस्ताख कमलेश तीवारी को सख़्त सज़ा देने का मुतालिबा

करीमनगर 14 दिसंबर: मर्कज़ी हुकूमत का गुमराह कुन दोहरा तर्ज़-ए-अमल नाक़ाबिल-ए-बर्दाश्त होता जा रहा है। वज़ीर-ए-आज़म बयान देते आरहे हैंके मुल़्क बग़ैर रवादारी के चलना मुश्किल है, सब का साथ होगा तब ही मुल्क की तरक़्क़ी मुम्किन है और सब का साथ होगा तब ही सब का विकास मुम्किन है। दूसरी तरफ वज़ीर-ए-दाख़िला राजनाथ सिंह ये कहते हैंके हिन्दुस्तान सारी दुनिया में वाहिद सबसे बड़ा जमहूरी मुल्क है, जब के पूरी मंसूबा बंदी के साथ भगवा दहश्त पसंद गिरोह को मुसलमानों के ख़िलाफ़ जिस तरह चाहे नफ़रतअंगेज़ बयान जारी करने की हर तरह की आज़ादी दी गई है।

आख़िर ये किस तरह का दोगला पन है?। इन ख़्यालात का इज़हार मुफ़्ती मुहम्मद नदीमुद्दीन तर्जुमान कुल हिंद तंज़ीम अइम्मा मसाजिद ने एक सहाफ़ती बयान जारी करते हुए किया।

उन्होंने वज़ीर-ए-आज़म मोदी के क़ौल-ओ-फे़ल  की सख़्त अलफ़ाज़ में मज़म्मत की और हिंदू महासभा के ख़ुद-साख़्ता कारगुज़ार सदर गसतारख़ रसूल सल्लललाहु अलैहि वसल्लम कमलेश तीवारी को सख़्त सज़ा देने का मुतालिबा किया। उन्होंने कहा कि ज़बान दराज़ी करने वाले तीवारी को सख़्त सज़ा दी जानी चाहीए, ताके इस तरह की सोच-ओ-फ़िक्र रखने वालों को इबरत हासिल हो सके।

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