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गैर मुहज़्ज़ब रिमार्क्स पर अजीत पवार की माज़रत ख़्वाही

मुंबई, 09 अप्रेल: महाराष्ट्रा के नायब वज़ीरे आला अजीत पवार जिन्होंने ख़ुश्कसाली और बर्क़ी क़िल्लत पर कुछ ऐसे नाज़ेबा रिमार्क्स किए थे जिस पर अपोज़ीशन ने वावेला मचा रखा है जिस की वजह से इवान की कार्रवाई कई बार मुल्तवी हुई है। नायब वज़ीरे

मुंबई, 09 अप्रेल: महाराष्ट्रा के नायब वज़ीरे आला अजीत पवार जिन्होंने ख़ुश्कसाली और बर्क़ी क़िल्लत पर कुछ ऐसे नाज़ेबा रिमार्क्स किए थे जिस पर अपोज़ीशन ने वावेला मचा रखा है जिस की वजह से इवान की कार्रवाई कई बार मुल्तवी हुई है। नायब वज़ीरे आला ने बिलआख़िर इस बात को महसूस करते हुए माज़रत ख़्वाही करली है। लीजसलीटीव असेम्बली और कौंसल दोनों जगह पर उन्होंने माज़रत ख़्वाही की और वाज़िह किया कि उन्होंने जो भी कहा इस का मक़सद किसी की तौहीन करना नहीं था।

हफ़्ते के रोज़ अजीत पवार ने एक अवामी जलसे में रिमार्क्स किए थे जिस के बाद अपोज़ीशन उन के ख़िलाफ़ कमरबस्ता होगई थी। अजीत पवार ने कहा कि उन्हें तवक़्क़ो है कि इस माज़रत ख़्वाही के बाद ख़ुश्कसाली से मुतास्सिरा लोगों की इमदाद का सिलसिला बंद नहीं किया जाएगा। ये बात उन्होंने रियासती असेम्बली में कही,जहां इस मौज़ू पुर शोर-ओ-गुल करते हुए अपोज़ीशन ने इवान की कार्रवाई दो बार मुल्तवी करवाई। अजीत पवार जो मर्कज़ी वज़ीर ज़राअत और एन सी पी सरबराह शरद पवार के भतीजे हैं, उन्होंने एतराफ़ किया कि उन्हें अपनी तक़रीर के दौरान अलफ़ाज़ का जामा इस्तिमाल करना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि बेशक उन्हें अपनी ग़लती का एहसास है,लेकिन इन का मक़सद ख़ुश्कसाली से मुतास्सिरा किसानों की तौहीन करना नहीं था। उन्होंने कहा कि हम ख़ुश्कसाली से मुतास्सिरा इलाक़ों में पानी सरबराह करने, मवेशियों को चारा सरबराह करने और तलबा की फीस माफ़ करने अपने वादों के पाबंद हैं। याद रहे कि अजीत पवार ने जो रिमार्क्स किए थे वो इस तरह हैं। अगर डैम में पानी नहीं है तो क्या हम सब इस में पेशाब करें ? ये रिमार्क्स उन्होंने पूणे के करीब इंदर पुर में एक अवामी जलसे में किया जिस से तनाज़ा पैदा होगया।

उन्होंने बर्क़ी क़िल्लत और लोड शेडिंग का मज़ाक़‌ उड़ाते हुए कहा कि वो ये देख रहे हैं कि इन दिनों ज़्यादा बच्चों की पैदाइश होरही है क्योंकि रात में बर्क़ी मुनक़ते होने के बाद लोगों के पास कोई दूसरा काम नहीं होता।

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