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गै़र क़ानूनी और ग़ैर शरई कॉन्ट्रैक्ट मैरेजेस में मुलव्विस क़ाज़ीयों के ख़िलाफ़ तहक़ीक़ात

शहर में गै़र क़ानूनी और ग़ैर शरई तौर पर कॉन्ट्रैक्ट मैरेज में मुबैयना तौर पर मुलव्विस क़ाज़ीयों के ख़िलाफ़ हुकूमत तहक़ीक़ात और कार्रवाई की तैयारी कर रही है। साउथ ज़ोन पुलिस ने कॉन्ट्रैक्ट मैरेजेस की अंजामदेही में मुलव्विस 3 मुबैयना क़ाज़ीयों को गिरफ़्तार करते हुए उन की मुसलसल गै़र क़ानूनी सरगर्मीयों पर मुश्तबा शीट खोलने का फ़ैसला किया है।

इन क़ाज़ीयों का ताल्लुक़ सिकंदराबाद, लिंगम पल्ली और क़ुतुबुल्लाह पूर के इलाक़ों से है। वक़्फ़ बोर्ड का दाराल क़ज़ात मज़कूरा नामों के क़ाज़ीयों की मौजूदगी से साफ़ इनकार कर रहा है जबकि डायरेक्टर अक़लीयती बहबूद जनाब जलाल उद्दीन अकबर ने कहा कि इस तरह की सरगर्मीयों में मुलव्विस अफ़राद के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए वो आला ओहदेदारों से नुमाइंदगी करेंगे।

क़ाज़ीयों के तक़र्रुर और उन की बर्ख़ास्तगी का अख़्तियार रास्त तौर पर हुकूमत के तहत है और सेक्रेट्री अक़लीयती बहबूद को क़ाज़ीयों की इन ग़ैर शरई सरगर्मीयों के ख़िलाफ़ फ़ौरी हरकत में आना चाहीए।

इस तरह की सरगर्मीयों के बारे में जब डायरेक्टर अक़लीयती बहबूद से रब्त पैदा किया गया तो उन्हों ने कहा कि क़ाज़ीयों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का अख़्तियार वक़्फ़ बोर्ड के हाथ में नहीं बल्कि हुकूमत के अख़्तियार में है।

वक़्फ़ बोर्ड के तहत सिर्फ़ दारुल क़ज़ात है जहां से मैरेज, तलाक़ और दीगर सर्टीफ़िकेट जारी किए जाते हैं। पुराने शहर में गुज़िश्ता कई बरसों से कॉन्ट्रैक्ट मैरेज का रैकेट काम कर रहा है और उसे बाअज़ क़ाज़ीयों की सरपरस्ती हासिल है।

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