Thursday , May 24 2018

गोडसे रिमार्कस से साक्षी महाराज दस्तबरदार

नई दिल्ली लोक सभा में अपोज़िशन एहतेजाज पर बी जे पी रुकन इज़हार तास्सुफ़ पर मजबूर

नई दिल्ली

लोक सभा में अपोज़िशन एहतेजाज पर बी जे पी रुकन इज़हार तास्सुफ़ पर मजबूर

मुत्तहदा अपोज़िशन ने आज लोक सभा में बी जे पी रुकन साक्षी महाराज को इज़हार तास्सुफ़ और महात्मा गांधी के क़ातिल नाथूराम गोडसे को मुहिब-ए-वतन क़रार देने से मुताल्लिक़ अपने रिमार्कस से दसतबरदारी पर मजबूर कर दिया। सदर कांग्रेस सोनिया गांधी भी अपोज़िशन मैंबर्स में शामिल हुईं जिन्होंने हुकूमत और एस बी जे पी रुकन के ख़िलाफ़ नारे बुलंद किए।

जब स्पीकर सुमित्रा महाजन ने 13 दिसम्बर 2001के पार्लियामेंट‌ पर हमले का तज़किरा किया, इस के फ़ौरी बाद कांग्रेस और आर जे डी के अरकान ने बी जे पी एम के मुतनाज़ा रिमार्कस का मसला छेड़ा। जब स्पीकर ने मतला किया कि वो इस मसला को उठाने के लिए तहरीक इलतिवा और वक़्फे सवालात की मुअत्तली की नोटिसों को मुस्तरद करचुकी हैं, कांग्रेस, आर जे डी, टी एमसी और बाएं बाज़ू के अपोज़िशन अरकान ने वस्त में पहुंच कर हुकूमत और एवान में मौजूद महाराज के ख़िलाफ़ नारे लगाए।

एसे नारों के दरमियान कि है राम, है राम: गांधी के हत्यारे को दिया समान और दोषी सरकार हाय हाय, एवान ने वकफ़ा-ए-सवालात शुरू कर दिया। जब शोर-ओ-गुल जारी रहा तो स्पीकर ने एवान को 10 मिनट के लिए मुल्तवी किया। ताहम एवान के दुबारा इजतिमा प्रभी अपोज़िशन का एहतेजाज जारी रहा तो पहले वज़ीर-ए‍-पार्लियामानी उमूर ऐम वेंकैया नायडू ने कहा कि महात्मा गांधी के क़ातिल की मद्हसराई कोई भी क़बूल नहीं करसकता और वज़ाहत की कि हुकूमत और बी जे पी रुकन पार्लीयामान मौसूफ़ की राय से इत्तेफ़ाक़ नहीं करते हैं।

अपोज़ीशन के अरकान वज़ीर मौसूफ़ के जवाब से मुतमइन नहीं हुए। इस सूरत-ए-हाल से नालां स्पीकर ने कहा कि कल से वो इब्तेदाई पाँच मिनट माज़रत ख़्वाही के लिए रख छोड़ेंगी। आख़िर-ए-कार साक्षी महाराज ने कहा कि वो महात्मा और इस ऐवान का एहतेराम करते हैं। में मेरे रिमार्कस से दस्तबरदार होता हूँ।

मगर मेरे दोस्त अराकीन के पास कोई मसला नहीं & गोडसे ने गांधी का तवील अर्सा क़बल क़तल किया था लेकिन आप ने महात्मा के नज़रिया को 1984 में मुख़ालिफ़ सिख फ़सादात‌ के दौरान क़त्ल किया है।

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