Wednesday , November 22 2017
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गोद लिए गांव में चुनाव हारी भाजपा

नागपुर :  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जिस गांव को गोद लिया, उसमें बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है. फेतरी गांव में ग्राम पंचायत चुनाव में ग्राम सरपंच के पद पर कांग्रेस-राकांपा समर्थित एक महिला उम्मीदवार ने जीत हासिल की है।

भाजपा को एक और झटका लगा, जब राज्य के ऊर्जा मंत्री और नागपुर के प्रभारी मंत्री चंद्रशेखर बवनकुले के नागपुर के कोरादी में गोद लिये गांव सुरादेवी में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार सुनील दुधपचारे की जीत हुयी

फडणवीस ने सरपंच चुनाव पर मुंबई में सवालों के जवाब में कहा कि मैंने इन गांवों के लोगों से कहा था कि (गांव को गोद लेना) मेरा राजनीतिक एजेंडा नहीं है। एक गांव में अपनी रैली में मैंने ग्रामीणों से कहा भी वे अपना उम्मीदवार चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। उधर, महाराष्ट्र में पहली बार एक ट्रांसजेंडर को ग्राम पंचायत में सरपंच चुना गया।
दयानदेव शंकर कांबले सोलापुर जिले के मलशिरास तहसील के तरंगफाल ग्राम पंचायत के सरपंच निर्वाचित हुए। कांबले ने छह अन्य उम्मीदवारों को परास्त किया।
गौरतलब है कि नवम्बर 215 में पीएम मोदी का गोद लिया गांव जयापुर. यहां से बीएसपी समर्थित प्रत्याशी गुडडू तिवारी चुनाव जीते थे और भाजपा को हार मिली थी।
जयापुर के ग्रामीणों ने गोद लेने की वर्षगांठ और दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री को हार का तोहफा दिया था। बीजेपी प्रत्याशी को हराकर जयापुर के ग्रामीणों ने एक संदेश दिया था. इतना ही नहीं वाराणसी में पंचायत चुनाव में बीजेपी का पत्ता भी साफ हो गया था।
अभी हाल में नांदेड़-वाघला महानगर पालिका पर भी भाजपा को शिकस्त मिली थी।  नादेड़ चुनाव में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना पर दिया गया बयान बहुत चर्चा में रहा था. फडणवीस ने हमला बोलते हुए कहा था कि शिवसेना को वोट देने का मतलब होगा कांग्रेस को सत्ता में वापस लाना. फडणवीस ने कहा था कि केंद्र और राज्य सरकारों में भाजपा की सहयोगी शिवसेना 11 अक्टूबर को होने वाले निकाय चुनाव के लिए गिनती में भी नहीं है.
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