Tuesday , June 19 2018

ग्रांट के दायरे में आएंगे 2459 मदरसे

भले ही पहले से ग्रांट वसूल 1128 मदरसों में तालीमी बुनियादी ढांचा की कमी है। मगर, रियासत हुकूमत की तरफ से 2459 और मदरसों को ग्रांट के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए तालिम महकमा की तरफ से बिहार रियासत मदरसा सर्व शरायत और दस्त

भले ही पहले से ग्रांट वसूल 1128 मदरसों में तालीमी बुनियादी ढांचा की कमी है। मगर, रियासत हुकूमत की तरफ से 2459 और मदरसों को ग्रांट के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए तालिम महकमा की तरफ से बिहार रियासत मदरसा सर्व शरायत और दस्तूरुल अमल में तरमीम मुतल्लिक़ तजवीज मुकम्मल कर लिया गया है। अच्छी बात यह कि तजवीज को ज़ाती महकमा वज़ीर पीके शाही ने मंजूरी भी दे दी है। अब काबीना से तजवीज पर मंजूरी लेने की तैयारी है।

वैसे बिना ग्रांट मदरसों की तरफ से तौविल अरसे से ग्रांट की मांग होती रही है। मगर हाल में रियासत हुकूमत ने बिना ग्रांट मदरसों की खास दिलचस्पी दिखाई है। इसलिए पहले की दस्तूरुल अमल में तरमीम होने और लागू करने से तकरीबन ढाई हजार मदरसों को ग्रांट मिलेगा। इससे तकरीबन सवा लाख असात्ज़ा और अहलकारों को तंख्वाह वगैरह फायदा मिलने की उम्मीद जगी है। मौजूदा में 1128 मदरसों को ग्रांट हासिल हो रही है। मगर हैरानी की बात यह है कि इन मदरसों में तालीमी बुनियादी ढांचा की भारी कमी है जिसे दूर करने की कोशिश नहीं किया गया है। हालांकि माली साल में तालीमी सहूलियत बढ़ाने की सिम्त में पहल हुई है। वहीं हुनर प्रोग्राम के तहत अक़लियत तबके की एक लाख ख़वातीन में हुनर-तरक़्क़ी करने का मक़सद भी तय किया गया है।

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