ग्रीनलैंड की बर्फ़ इंतिहाई तेज़ी से पिघल रही है

ग्रीनलैंड की बर्फ़ इंतिहाई तेज़ी से पिघल रही है

साईंसदानों के मुताबिक़ मसला ये नहीं है कि ग्रीनलैंड में इतनी ज़्यादा मिक़दार में बर्फ़ पिघल चुकी है बल्कि मसला ये है कि हालिया बरसों के दौरान बर्फ़ के पिघलाव में ड्रामाई हद तक तेज़ी आई है।

बताया गया है कि ग्रीनलैंड पर सन दो हज़ार तीन तक सालाना तक़रीबन 75 गेगा टन बर्फ़ पिघलती थी लेकिन इस के बाद बर्फ़ पिघलने के अमल में तीन गुना इज़ाफ़ा हुआ है और अब सालाना बुनियादों पर एक सौ छयासी गेगा टन से ज़ाइद बर्फ़ पिघल रही है।

माहौलियाती तबदीलीयों और ज़मीनी दर्जा हरारत में इज़ाफे़ की वजह से दुनिया भर में बर्फ़ पिघलने का अमल जारी है और सतह समुंद्र में इज़ाफ़ा हो रहा है।

लेकिन अब साईंसदानों का ख़्याल है कि सतह समुंद्र में पच्चीस मिलीमीटर का इज़ाफ़ा ग्रीनलैंड के गलेशीयर्स के पिघलने की वजह से हुआ है। ये मजमूई सतह समुंद्र में इज़ाफे़ का अठारह फ़ीसद बनता है।

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