Tuesday , December 12 2017

घूस देकर बंगाल से आ रहा आलू

बिहार-मगरीबी बंगाल बॉर्डर पर घूसखोरी की वजह से आलू के दाम आसमान छू रहे हैं। बंगाल ने अपने यहां से आलू को बिहार भेजने पर मनाही कर रखी है। इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ रही है। आलू कारोबारी बिहार-बंगाल सरहद पर रिश्वत देने की बा

बिहार-मगरीबी बंगाल बॉर्डर पर घूसखोरी की वजह से आलू के दाम आसमान छू रहे हैं। बंगाल ने अपने यहां से आलू को बिहार भेजने पर मनाही कर रखी है। इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ रही है। आलू कारोबारी बिहार-बंगाल सरहद पर रिश्वत देने की बात कह रहे हैं।

आलू लेकर गुजरनेवाले हर ट्रकों को दोनों रियासतों के बॉर्डर पर दो से सात हजार रुपये तक घूस देनी पड़ रही है। बंगाल के 10 चक्कोंवाले ट्रकों से जहां 1250 और ओवरलोडिंग के लिए अलग से रुपये लिये जा रहे हैं, वहीं दूसरे रियासतों के लिए 1600 और इजाफ़ी पैसे लिये जा रहे हैं।

बंगाल से बिहार से लिए करीब सौ ट्रक आलू हर दिन आते हैं, लेकिन पाबंदी और घूसखोरी की वजह से इसमें कुछ कमी हुई है। बिहार आलू-ओनियन मर्चेंट एसोसिएशन के वज़ीर राजेंद्र प्रसाद कहते हैं कि बंगाल में 550 रुपये क्विंटल आलू मिल रहा है, जबकि दूसरे रियासतों के लिए इसे 700-800 रुपये रखा गया था। आलू की कीमत के अलावा बॉर्डर पर मनमाने तरीके से सात हजार रुपये फी ट्रक तक घूस भी लिये जा रहे हैं। जिसकी वजह आलू बिहार आते-आते दोगुने दाम में बिक रहा है।

बंगाल ने क्यों लगायी है रोक
मगरीबी बंगाल हुकूमत ने बिहार-झारखंड में आलू बर आमद पर रोक लगा दी है। इसकी वजह बंगाल से आलू की खेप सीधे नहीं बॉर्डर पर घूस देने के बाद पहुंच रही है। मगरीबी बंगाल में भी फैलिन के असर की वजह से आलू की फसल बरबाद हुई है। आलू का स्टॉक काफी महज़ में रहे इसकी वजह से हुकूमत ने इसके बर आमद पर रोक लगा दी। इससे बंगाल के लोगों को सस्ते दर पर आलू भी मिल पा रहा है और फसल खराब होने के बाद भी उनके पास आलू का स्टॉक भी है। वहीं, बंगाल से आलू बर आमद पर रोक को लोग लोकसभा इंतिख़ाब से भी जोड़ कर देख रहे हैं कि वज़ीरे आला ममता बनर्जी आलू के दाम कम रख कर वोट बैंक को मजबूत करना चाह रही हैं।

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