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चंद्रशेखर राव‌ और चंद्रबाबू नायडू की राज भवन में ख़ुशगवार मुलाक़ात

आंध्र प्रदेश के चीफ़ मिनिस्टर एन चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव ने अपने देरीना इख़तेलाफ़ात को पसेपुश्त डालते हुए मुख़्तलिफ़ मसाइल पर दोनों रियासतों के दरमयान तनाज़आत की यकसूई के लिए गवर्नर ई एस एल न

आंध्र प्रदेश के चीफ़ मिनिस्टर एन चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के चीफ़ मिनिस्टर के चन्द्रशेखर राव ने अपने देरीना इख़तेलाफ़ात को पसेपुश्त डालते हुए मुख़्तलिफ़ मसाइल पर दोनों रियासतों के दरमयान तनाज़आत की यकसूई के लिए गवर्नर ई एस एल नरसिम्हन की मौजूदगी में मुलाक़ात की।

दोनों चीफ़ मिनिस़्टरों ने मुलाक़ात के बाद अख़बारी नुमाइंदों से बातचीत करते हुए कहा कि कुछ लो और कुछ दो के अंदाज़ फ़िक्र और ख़ुशगवार माहौल में बातचीत हुई है।

गवर्नर ने इन दोनों क़ाइदीन और उनके सीनीयर ओहदेदारों के साथ बंद कमरे में बातचीत की इस इक़दाम को दरअसल दोनों चीफ़ मिनिस़्टरों के दरमयान पैदा शूदा इख़तेलाफ़ात को ख़त्म करने गवर्नर की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

के सी आर ने बातचीत में कहा कि वो तआवुन के इसी जज़बा के साथ मज़ीद पेशरफ़त चाहते हैं क्युंकि दोनों रियासतें बाहमी तौर पर एक दूसरे पर मुनहसिर हैं।

चंद्रशेखर राव ने एतेराफ़ किया कि तेलंगाना सिर्फ़ एक ज़मीनी रियासत है और आंध्र प्रदेश में वाक़्ये मछलीपटनम बंदरगाह से दरआमदात की ज़रूरीयात पूरी होती है।

तालीमी इदारों के बारे में चन्द्रशेखर राव ने कहा कि ये इदारे यक़ीनन इस रियासत कोही जाऐंगे जहां वो फ़िलहाल मौजूद हैं।उन्होंने कहा कि तेलंगाना की दरख़ास्त पर आंध्र प्रदेश ने अपनी असेंबली का शुरू होने वाला अपना बजट सेशन 7 सितंबर तक ख़त्म करने से इत्तिफ़ाक़ करलिया है ताके तेलंगाना असेंबली के बजट सेशन के बाआसानी इनइक़ाद की राह हमवार होसके।

इस दौरान चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि दोनों हुकूमतों के माबैन बातचीत एक बेहतर पेशरफ़त है दोनों तरफ चंद तल्ख़ीयां पैदा हुई थी जिन्हें कम करने के लिए बातचीत की गई।

अवाम के लिए ये बेहतर है इस ज़िमन में कुछ देने और लेने की ज़रूरत है। हमें तआवुन के जज़बा से आगे बढ़ना चाहीए। इस मीटिंग में उन मसाइल की यकसूई के लिए मदद की है।

एक सवाल पर चंद्रशेखर राव ने कहा कि दो चीफ़ मिनिस़्टरों की आइन्दा मीटिंग ख़ैर सगाली जज़बा के साथ जब भी ज़रूरत हो मुनाक़िद किया जा सकता है।

सियासत न्यूज़ के मुताबिक़ गवर्नर ई एस एल नरसिम्हन ने दोनों चीफ़ मिनिस़्टरों के लिए दरमयानी रोल अदा करते हुए दोनों ही चीफ़ मिनिस़्टरों को एक मुत्तफ़िक़ा राय पर लाने की कोशिश की।

जबकि अब तक दोनों ही चीफ़ मिनिस़्टरोंने एक दूसरे के ख़िलाफ़ रिमार्कस और तन्क़ीदें करने में मसरूफ़ रहे। एक रियासत के ताल्लुक़ से एक चीफ़ मिनिस्टर की तरफ से मर्कज़ी हुकूमत से शिकायत भी की गई । यहां तक कि अदलिया से भी रुजू हुए।

इस सूरते हाल को देखते हुए दोनों रियासतों के माबैन हालात को ख़ुशगवार-ओ-बेहतर बनाने के लिए मुशतर्का गवर्नर ई एस एल नरसिम्हन ने पहल करते हुए दोनों चीफ़ मिनिस़्टरों को राज भवन मदऊ किया और 15 अगस्ट को अपनी तरफ राज भवन में तर्तीब दिए गए अस्राना के लिए दोनों चीफ़ मिनिस़्टरों को मदऊ करने उस दिन मीटिंग तलब करने से वाक़िफ़ करवाया दिया था जिस की रोशनी में राज भवन में दोनों चीफ़ मिनिस़्टरों ने मिल बैठ कर मसाइल-ओ-मौज़ूआत पर मुबाहिस किए और तफ़सीली तबादला-ए-ख़्याल क्या।

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