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चंद्रा बाबू को किसी भी मुख़ालिफ़ मुस्लिम इक़दाम से रोकने का अह्द

मुदीर ए सियासत जनाब ज़ाहिद अली ख़ान ने आज रात कामा रेड्डी में मुस्लमानों के अज़ीम जलसा से ख़िताब करते हुए कहा कि तेलगोदेशम पार्टी आइन्दा कभी भी मुस्लमानों के मुफ़ादात के ख़िलाफ़ कोई भी क़दम नहीं उठाएगी और इस बात की तमानीयत में लेता हूँ क

मुदीर ए सियासत जनाब ज़ाहिद अली ख़ान ने आज रात कामा रेड्डी में मुस्लमानों के अज़ीम जलसा से ख़िताब करते हुए कहा कि तेलगोदेशम पार्टी आइन्दा कभी भी मुस्लमानों के मुफ़ादात के ख़िलाफ़ कोई भी क़दम नहीं उठाएगी और इस बात की तमानीयत में लेता हूँ क्योंकि चंद्रा बाबू नायडू ने मुस्लमानों से अपनी साबिक़ में हुई ग़लतीयों का एतराफ़ करते हुए माज़रत भी चाही और हमें चाहीए कि बहैसीयत मुस्लमान अगर कोई ग़लती तस्लीम करते हुए माफ़ी चाहता है तो इस को माफ़ कर देना चाहीए। उन्हों ने कहा कि साबिक़ में जो गलतीयां हुई हैं तब यहां पर में मौजूद नहीं था और मेरी मौजूदगी में चंद्रा बाबू नायडू कोई भी ग़लती करते हैं तो मैं उन्हें रोकने की ताक़त रखता हूँ और पोलीट ब्यूरो में मुस्लमानों के मसाइल और उन की फ़लाह-ओ-बहबूदी के लिए इक़दामात और आबादी के तनासुब से तहफ़्फुज़ात फ़राहम करने के लिए चंद्रा बाबू से नुमाइंदगी करते हुए इक़्तेदार पर आने पर उसे अमली जामा पहनाने की पूरी कोशिश करूंगा। चंद्रा बाबू मुस्लमानों को 9.3 फ़ीसद तहफ़्फुज़ात फ़राहम करने पर संजीदा हैं। एडीटर सियासत ने मुल्क के हालात का ज़िक्र करते हुए कहा कि यू पी के इंतेख़ाबात से इस बात का पता चल चुका है कि आइन्दा इलाक़ाई जमातें ही इक़्तेदार हासिल करेंगी और कांग्रेस का सफ़ाया यक़ीनी होगा। उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह को इक़्तेदार पर लाने में मुस्लमानों का अहम रोल रहा है। 800 साल तक मुस्लमानों ने हुक्मरानी की थी। लेकिन अब सूरत-ए-हाल अबतर हो चुकी है लिहाज़ा मुस्लमानों को मुत्तहिद होना ज़रूरी है। अपने मसाइल को हल करने के लिए आगे आने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि एक दौर ये था कि सेक्रेट्रेट में 50 फ़ीसद आई ए एस ऑफीसर मुस्लमान थे और अब ये तनासुब घट कर सिफ़र के बराबर होगया। उन्होंने वक़्फ़ की आराज़ीयात का ज़िक्र करते हुए कहा कि मुस्लमानों की जायदादों का तहफ़्फ़ुज़ किया जाए तो इस से होने वाली आमदनी से रियासत के हर मुस्लमान की मआशी पसमांदगी दूर हो सकती है और हर एक को घर होगा और कोई भी बेघर नहीं होगा। वक़्फ़ की आराज़ीयात के तहफ़्फ़ुज़ के लिए मुहिम का आग़ाज़ किया गया है। जी एम आर की जानिब से शमशाबाद एयरपोर्ट पर तामीर कर्दा एयरपोर्ट में 1300 एकड़ अराज़ी वक़्फ़ की है। इसी तरह राज गोपाल को दी गई अराज़ी भी वक़्फ़ की है।

इस से जो आमदनी हासिल हो रही है इस की निस्फ़ आमदनी मुस्लमानों को दी जाए तो मुस्लमानों की मआशी पसमांदगी ख़तम हो जाएगी। तेलंगाना के नाम पर गुज़श्ता चंद दिनों से जारी तहरीक का ज़िक्र करते हुए कहा कि क़ुर्बानी के नाम पर अवाम के जज़बात से खिलवाड़ किया जा रहा है। अवाम के जज़बात से खिलवाड़ करने वाले क़ुर्बानी के मानी से नावाक़िफ़ हैं जिस की वजह से ये अवाम को गुमराह कर रहे हैं लिहाज़ा अवाम बहकावे में ना आएं। तेलगोदीशम के सरबराह तेलंगाना के मसला पर संजीदा हैं और बारहा इस बात का ऐलान कर चुके हैं कि वो तेलंगाना के मुख़ालिफ़ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रा बाबू नायडू की दो आँखें आंधरा और तेलंगाना हैं। अगर रियासत की तक़सीम होती है तो चंद्रा बाबू नायडू की पार्टी दोनों इलाक़ों में भी इक़्तेदार हासिल करेगी और चंद्रा बाबू नायडू क़ौमी रहनुमा हो जाएंगे। उन्होंने मुस्लमानों से परज़ोर अपील की कि अपना वोट तेलगूदेशम के हक़ में इस्तेमाल करें। इस मौक़ा पर पार्टी लीडर अली मसक़ती ने कहा कि कांग्रेस के दौर ने रियासत को आंधरा प्रदेश से अंधा प्रदेश बना दिया है और मुस्लमानों की तरक़्क़ी को फ़रामोश कर दिया। कामा रेड्डी के हलक़ा की तरक़्क़ी के लिए एम एल सी जनाब इब्राहीम बिन अबदुल्लाह मसक़ती ने ख़ुसूसी तौर पर 25 लाख रुपय मंज़ूर किए। तेलगोदेशम की कामयाबी से आइन्दा भी तरक़्क़ी का सिलसिला जारी रहेगा। टी आर एस और कांग्रेस जान बूझ कर तेलगोदेशम को मंसूबा बंद तरीक़े से तन्क़ीद का निशाना बनाते हुए अवाम को गुमराह कर रहे हैं। क़ब्लअज़ीं रुकन असेंबली निज़ामाबाद रूरल एम वेंकटेश्वर राव ने कहा कि तेलगुदेशम के दौर-ए-इक्तदार में फ़लाह-ओ-बहबूदी को अव्वलीन तर्जीह दी गई। बिलख़सूस मुस्लमानों की फ़लाह-ओ-बहबूद को एहमीयत देते हुए कई तरक़्क़ीयाती काम अंजाम दिए गए।

उर्दू को दूसरी सरकारी ज़बान बनाना , उर्दू मदारिस का क़ियाम। मौजूदा इंतेख़ाबात से तेलंगाना का कोई ताल्लुक़ नहीं है। ये सिर्फ़ चंद्रशेखर राव का सयासी हर्बा है जो बार बार इस्तीफ़ा से असेंबली में अपनी तादाद बढ़ाना चाहते हैं। साबिक़ रुकन असेबली मिस्टर सैयद यूसुफ़ अली ने कहा कि अज़ीम इत्तेहाद के तहत आम इंतेख़ाबात में उन्हें हलक़ा ज़हीराबाद से टी आर एस की जानिब से उम्मीदवार बनाया गया था लेकिन गमपा गोवर्धन ने मज़हब का सहारा लेते हुए फ़िकरोपरस्त मुहिम चलाई थी जिसकी वजह से उन्हें नाकामी का सामना करना पड़ा था। और ये फ़िकरोपरस्त ज़हनीयत का हामिल लीडर है लिहाज़ा मुस्लमानों को चाहीए कि उन्हें सबक़ सिखाये।

उन्होंने कहा कि मुस्लमान माफ़ी की सिफ़त रखने वाले हैं। चंद्रा बाबू नायडू ने मुस्लमानों से साबिक़ में की हुई ग़लतीयों पर माज़रत की है लिहाज़ा उन्हें माफ़ करते हुए तेलगुदेशम को मुस्तहकम करें। स्टेट सेक्रेटरी एम ए हकीम ने कहा कि टी आर एस और कांग्रेस मंसूबा बंद तरीक़े से तेलगुदेशम पर कीचड़ उछाल रहे हैं और मुख़ालिफ़ तेलंगाना के नाम पर अवाम को गुमराह कर रहे हैं जबकि सदर तेलगुदेशम तेलंगाना के मसला पर अपने मौक़िफ़ को वाज़िह कर चुके हैं। सदर ज़िला तेलगूदेशम वे जी गौड़ एम एल सी ने कहा कि टी आर एस उम्मीदवार ने तेलगूदेशम से कामयाबी हासिल करते हुए पार्टी के साथ ग़द्दारी की है और तेलगुदेशम तेलंगाना के मसला पर अपनी जद्द-ओ-जहद को जारी रखी हुई है। स्टेट सेक्रेटरी एस ए अलीम ने तेलगुदेशम उम्मीदवार वीनू गोपाल राव को कामयाब बनाते हुए टी आर एस को सबक़ सिखाने की मुस्लमानों से ख़ाहिश करते हुए कहा कि टी आर एस एक फ़िकरोपरस्त जमात है।

इस जलसा को सदर ज़िला तेलगूदेशम अक़ल्लीयती सेल नावेद इक़बाल, साबिक़ ज़िला परिषद रुकन दिनेश के इलावा दीगर ने भी मुख़ातिब किया। जलसा में एम ए बासित ज़िला अक़ल्लीयती सेल सदर, मुहम्मद यूसुफ़ स्टेट सेक्रेटरी अक़ल्लीयती सेल, मुहम्मद गौस उद्दीन, अली बिन सईद, मुहम्मद नज़ीर उद्दीन, बदर उद्दीन पाशा, मुहम्मद उसमान, मुहम्मद वसीम ख़ान, एम ए क़दीर-ओ-दीगर कई क़ाइदीन भी मौजूद थे। एम ए शकील के शुक्रिया से जलसा का इख़तेताम अमल में आया। जलसा में मर्द‍ ओ‍ ख्वातीन की कसीर तादाद मौजूद थी।

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