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चंद्रा बाबू नायडू , तहक़ीक़ात में तआवुन करें, सदर प्रदेश कांग्रेस

हैदराबाद /16 नवंबर (सियासत न्यूज़) सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मिस्टर बोसत्य नारायना ने कहा कि क़ाइद अप्पोज़ीशन मिस्टर एन चंद्रा बाबू नायडू को किसानों से कोई हमदर्दी नहीं है , इन का दौरा मगरमच्छ के आँसू के मुतरादिफ़ है । वो ख़ुद को बेगु

हैदराबाद /16 नवंबर (सियासत न्यूज़) सदर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मिस्टर बोसत्य नारायना ने कहा कि क़ाइद अप्पोज़ीशन मिस्टर एन चंद्रा बाबू नायडू को किसानों से कोई हमदर्दी नहीं है , इन का दौरा मगरमच्छ के आँसू के मुतरादिफ़ है । वो ख़ुद को बेगुनाह साबित करने के लिए सी बी आई के साथ तआवुन करें। आज गांधी भवन में प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए मिस्टर बोसत्य नारायना ने कहा कि तेलगुदेशमके 9 साला दौर-ए-हकूमत में ज़राअत को बेफ़ैज़ क़रार देने वाले नायडू सिर्फ और सिर्फ सयासी मुफ़ाद के लिए किसानों के मसाइल का जायज़ा लेने के लिए दौरा कर रहे हैं।

अपने दौरा के दौरान किसानों के मसाइल को हुकूमत से रुजू करते हुए अप्पोज़ीशन का तामीरी रोल अदा करने की बजाय बेशतर वक़्त मुझ पर तन्क़ीद करने में सर्फ कर रहे हैं, जिस से अंदाज़ा होता है कि उन्हें किसानों से कितनी हमदर्दी है । हाइकोर्ट की जानिब से मिस्टर नायडू के असासा जात की तहक़ीक़ात की ज़िम्मेदारी सी बी आई को सौंपने के ताल्लुक़ से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्हों ने कहा कि हाइकोर्ट का फ़ैसला काबिल-ए-सिताइश है , वजया अम्मां ने हाईकोर्ट में दरख़ास्त दाख़िल की है , जिस का जायज़ा लेने के बाद हाईकोर्ट ने तहक़ीक़ात कराने का फ़ैसला किया है ।

क़ाइद अप्पोज़ीशन की ज़िम्मेदारी है कि अगर वो बेक़सूर हैं तो तहक़ीक़ात में सी बी आई के साथ तआवुन करें और उन पर बदउनवानीयों और बे क़ाईदगियों के जो इल्ज़ामात हैं, इस से ख़ुद को बेक़सूर साबित करें। डाक्टर वाई ऐस राज शेखर रेड्डी की जानिब से नायडू के ख़िलाफ़ दायर करदा मुक़द्दमात से दस्त बर्दारी के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्हों ने कहा कि इस वक़्त डाक्टर राज शेखर रेड्डी ने इस बात की वज़ाहत करदी थी, अब इस पर वो किसी तरह का रद्द-ए-अमल अमल ज़ाहिर नहीं करसकती।

उन्हों ने कहा कि दो एकड़ अराज़ी से चंद्रा बाबू नायडू ने अपनी सयासी ज़िंदगी का आग़ाज़ किया था, मगर अब वो करोड़ों रुपय के मालिक बन चुके हैं। सिर्फ अना हज़ारे की तस्वीर लगाकर बदउनवानीयों के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी काफ़ी नहीं है और ना ही इस से मिस्टर नायडू मंसूबा इल्ज़ामात से बरी हो सकते हैं।

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