Sunday , December 17 2017

चंद आई ए एस ओहदेदारों (अधिकारीयों) का आमिराना रवैय्या

रियासती वज़ीर छोटी आबपाशी (सिंचाई मंत्री ) मिस्टर टी जी वेंकटेश ने कहा कि उन्हों ने फ़राइज़ (ख़िदमात) अंजाम ना देने वाले आई ए एस ओहदेदारों (अधिकारीयों) को गोली मार देने के लिए दस्तूर हिंद में मुनासिब तरमिमात (संसोधन) करने का ही इज़ह

रियासती वज़ीर छोटी आबपाशी (सिंचाई मंत्री ) मिस्टर टी जी वेंकटेश ने कहा कि उन्हों ने फ़राइज़ (ख़िदमात) अंजाम ना देने वाले आई ए एस ओहदेदारों (अधिकारीयों) को गोली मार देने के लिए दस्तूर हिंद में मुनासिब तरमिमात (संसोधन) करने का ही इज़हार किया था, लेकिन अख़बारात में ख़िदमात अंजाम ना देने वाले आई ए एस ओहदेदारों (अधिकारीयों) को गोली मार देने की खबरें शाय हुई हैं।

वज़ीर मौसूफ़ के इस इज़हार ख़्याल पर ना सिर्फ आई ए एस ओहदेदारों (अधिकारीयों) की असोसिएशन बल्कि मुख़्तलिफ़ गोशों से सख़्त मुख़ालिफ़त और एतराज़ करते हुए शदीद रद्द-ए-अमल (प्रतिक्रिया) का इज़हार किया गया, जिस पर मिस्टर टी जी वेंकटेश ने मज़कूरा वज़ाहत (स्पष्ट ) करते हुए कहा कि बाअज़ आई ए एस ओहदेदारों (अधिकारीयों) की जानिब से अवामी मसाइल की यकसूई (हल) के लिए इख़तियार किए जाने वाले आमिराना रवैय्या इख़तियार करने की वजह से मज़कूरा तजवीज़ करने पर मैं मजबूर हुआ हूँ।

अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत करते हुए वज़ीर छोटी आबपाशी (सिंचाई मंत्री ) ने कहा कि चंद किसानों ने इन से रुजू होकर उन्हें दरपेश मसाइल की यकसूई (हल) में ताख़ीर करने और टाल मटोल की पॉलीसी इख़तियार करने का हुकूमत पर इल्ज़ाम आइद करते हुए हुकूमत के ख़िलाफ़ अपने मनफ़ी (नकारात्मक ) रद्द-ए-अमल (प्रतिक्रिया) का इज़हार किया था और ओहदेदारों (अधिकारीयों) के इख़तियार किए जाने वाले रवैय्या पर अपने शदीद अफ़सोस का भी इज़हार करते हुए हुकूमत से बिलख़सूस मिस्टर टी जी वेंकटेश से तालाबों की मुरम्मत के कामों की अंजाम दही को यक़ीनी बनाने का पुरज़ोर मुतालिबा किया था।

वज़ीर मौसूफ़ ने कहा कि इन हालात के पेश नज़र ही उन्हें आई ए एस ओहदेदारों (अधिकारीयों) के ख़िलाफ़ इज़हार ख़्याल करने पर मजबूर होना पड़ा। लिहाज़ा आई ए एस आँफिसर्स असोसिएशन के ओहदेदारों (अधिकारीयों) को भी समझना चाहीए कि वो इस तरह का इज़हार ख़्याल करने पर आख़िर क्यों मजबूर हुए हैं?

मिस्टर वेंकटेश ने कहा कि इस के बावजूद अगर कोई ओहदेदार उन के इज़हार ख़्याल को ग़लत तसव्वुर करके उन से (वेंकटेश से) ग़लती का एतराफ़ करके माज़रत ख़्वाही का मुतालिबा करने के लिए पहल करे यह आगे आने पर वो ज़रूर उस ख़ाहिश को पूरा करने से गुरेज़ नहीं करेंगे।

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