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चन्डीगढ़ में आला सतही माविस्ट क़ाइद की ख़ुद सुपुर्दगी

एक आला सतही माविस्ट कारकुन ने जो राजमंदगांव‌-कनकीर सरहद पर छत्तीसगढ़ में गै़रक़ानूनी तहरीक की क़ियादत कररहा था और क़त्ल और मुलाज़मीन पुलिस पर हमलों के कई मुक़द्दमात में मतलूब था आज अपनी बीवी के साथ पुलिस के सामने ख़ुद सपुर्द होगया।

एक आला सतही माविस्ट कारकुन ने जो राजमंदगांव‌-कनकीर सरहद पर छत्तीसगढ़ में गै़रक़ानूनी तहरीक की क़ियादत कररहा था और क़त्ल और मुलाज़मीन पुलिस पर हमलों के कई मुक़द्दमात में मतलूब था आज अपनी बीवी के साथ पुलिस के सामने ख़ुद सपुर्द होगया।

नक्सलाइटस जोड़ा 27 साला भगत जाड़े और 21 साला टीजो नीतम ने ऐडीशनल डायरेक्टर जनरल पुलिस (नकसलाईटस कार्यवाहियां) आर के विज के सामने हथियार डाल दिए। वो दीगर सीनियर क़ाइदीन के साथ अपने इख़तिलाफ़ात की वजह से तहरीक से अलग होगया था। इसके भाई बुद्धराम जाड़े ने मुलाज़िम पुलिस है और जिसका मुबय्यना तौर पर नकसलाईटस ने अग़वा करके क़त्ल कर दिया था उसकी अपनी बीवी के साथ तहरीक से अलाहिदगी का यही वाक़िया वजह बना।

इस जोड़े की निशानदेही पर तीन तरक़्की याफ़ता धमाको आलात जिन में से हर एक का वज़न पाँच किलो ग्राम था और 10 किलो ग्राम यक रुख़ी ज़मीनी सुरंग जो अडजाड-का मकसूर पहाड़ियों के पास नसब की गई थी हिंद-तिब्बती सरहदी पुलिस और ज़िलई फ़ोर्स की मुशतर्का तलाश कार्रवाई में ज़बत की गईं।

भगत का वालिद एक देहात का सरपंच है, इसने अपने बेटे की 2005 में शमूलियत के बाद उसे असल धारे में दुबारा शामिल करने के लिए अहम किरदार अदा किया है। वो कई आला सतही माविस्ट क़ाइदीन के साथ कई शहरों से जंगलों और जंगलों से शहरों का सफ़र करचुका है। वो राजमंद गांव‌ के देहात सीहपाल का मुतवत्तिन है। उसे मुक़ामी कार्रवाई उसको एड मुदुन वाड़ा में बतौर रुक्न 2007 में शामिल किया गया था और 2011में उसे तरक़्क़ी दी गई थी।

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