Monday , July 23 2018

चर्च द्वारा धर्मांतरण व अन्य दुष्कृत्यों की जांच हेतु आयोग तथा धर्मांतरण रोधी कानून बने : विहिप

नई दिल्ली: विश्व हिन्दू परिषद् ने आज कहा है कि चर्च व उसके द्वारा संचालित तथा-कथित सेवा कार्य धर्मांतरण ही नहीं अपितु कई प्रकार के अवैधानिक-अनैतिक कृत्यों के केंद्र बन चुके हैं. इन कुकर्मों का अनेक बार भंडाफोड़ होने के बावजूद प्रचार तन्त्र व प्रशासन में इनकी गहरी पैठ तथा मदर टेरेसा के, इन्हीं के द्वारा निर्मित आभा-मण्डल, के कारण इनके पाप आसानी से छुपाए जाते रहे हैं. परन्तु अब मानवता के सभी मापदंडों को ध्वस्त करते हुए उनके दुष्कर्मों की एक लम्बी श्रंखला सामने आ रही है.

विहिप के केन्द्रीय संयुक्त महामंत्री डा सुरेन्द्र जैन ने केंद्र सरकार से चर्च पादरियों तथा उनके द्वारा संचालित संस्थाओं की गहन जांच हेतु एक आयोग बनाने, धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने, पर्यटन के बहाने धर्मान्तरण व धर्म-प्रचार में लिप्त विदेशियों पर शिकंजा कसने व तथा-कथित अनाथ आश्रम इत्यादि में पादरियों द्वारा बच्चों व ननों का शोषण किए जाने पर अबिलम्ब अंकुश लगाने की मांग की है.   

मदर टेरेसा द्वारा स्थापित रांची स्थित ‘निर्मल ह्रदय आश्रम’ में किए जा रहे यौनाचार, बच्चों के व्यापार व अन्य अवैध कार्यों के पर्दाफास से पूरी मानवता कराह रही है. ’आश्रम’ में अनाथ लड़कियों से दुष्कर्म कर उनके बच्चों को बेच दिया जाता था. केवल इसी आश्रम से गत कुछ दिनों में ही 280 बच्चे गायव हुए हैं.

इनमें से कई बच्चों को मरा हुआ घोषित कर दिया जाता था परन्तु बाद में पता चलता था कि इन्हें तो बेचा जा चुका था. इस ‘आश्रम की गतिविधियों की शिकायत पहले भी की गई थी किन्तु, षडयंत्र पूर्वक, जांच अधिकारी पर ही छेड़खानी का आरोप लगाकर उसे निलंबित करा दिया गया. विश्व हिन्दू परिषद् को आशंका है कि मदर टेरेसा द्वारा स्थापित अन्य तथाकथित ‘आश्रमों’ में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों का संचालन होता है.

पादरियों की यौन पिपासा की शिकार ननों तथा अनाथ बच्चों के समाचार सम्पूर्ण विश्व से आते ही रहते हैं यहां तक कि वैटिकन भी इससे अछूता नहीं रहा है. गत कुछ वर्षों से भारत में पादरियों के इन दुष्कर्मों की संख्या में आश्चर्यजनक रूप से वृद्धि हुई है. कुछ दिन पूर्व ही एक नन ने पाँच पादरियों पर आरोप लगाया है कि वे कई वर्षों से उसका यौन शोषण कर रहे थे.

‘कन्फैशन बॉक्स’ में विवाह पूर्व संवंधों की स्वीकृति के बाद से उस नन को ब्लैक मेल कर ये उसके साथ लगातार दुष्कर्म करते रहे. पीड़ितों द्वारा इसकी शिकायत चर्च के वरिष्ठ अधिकारियों से किए जाने पर भी उसे लगातार अनसुना किया जाता रहा. दुष्कर्म पीडिता कुछ ननें तो आत्म-ह्त्या तक कर चुकी हैं.

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