Monday , December 18 2017

चलते रहे तीखे बयानात के तीर

पटना 15 जून : नीतीश कुमार के शेर के जवाब में भाजपा के एमएलसी हरेंद्र प्रताप ने भी शेर पढ़ा, कहा- ‘साथ फेरे ले,जीने की कसम खाते हैं, जीते जी मुज़लिम, मरने पर हार चढ़ाते हैं।

पटना 15 जून : नीतीश कुमार के शेर के जवाब में भाजपा के एमएलसी हरेंद्र प्रताप ने भी शेर पढ़ा, कहा- ‘साथ फेरे ले,जीने की कसम खाते हैं, जीते जी मुज़लिम, मरने पर हार चढ़ाते हैं।

वजीर ए आला की तब्सिरा ‘मरने की दवा देते हैं।’ पर उन्होंने कहा है कि दवा, दुआ और जहर का एक्सपीरियंस वाले ही ऐसी तब्सिरह कर सकते हैं। मैं तो जदयू की कोर कमेटी पर हैरान हूं।

उसमें कांग्रेस से आये विजय चौधरी और कल तक राजद का खूबियाँ करनेवाले श्याम रजक शामिल हैं। जदयू की कोर कमेटी के ऐसे रुक्न, तो इत्तेहाद टूटने की कब से बांट जोह रहे थे।

इत्तेहाद टूटा, तो नीतीश कुमार की नयी हुकूमत कमजोर होगी। आज़ाद असेंबली अरकान के सहारे चलेगी हुकूमत। नज़म व ज़ब्त में जीने की आदत ही नहीं हैं, जदयू में बाहर से आये कायदीनों की। ऐसे में इत्तेहादी पार्टी का हश्र तो बुरा होना ही है।

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