Wednesday , December 13 2017

चांद और सय्यारा ज़ुहरा का नादिर फ़लकियाती नज़ारा

मुल्क में 26 फ़बरोरी को एक नादिर फ़लकियाती नज़ारा देखने का मौक़ा मिलेगा जिस में चांद बिलकुल सय्यारा ज़ुहरा और ज़मीन के मुक़ाबिल होगा जिस तरह सूरज गहन के वक़्त ज़मीन और सूरज के दरमयान चांद हाइल होता है।

मुल्क में 26 फ़बरोरी को एक नादिर फ़लकियाती नज़ारा देखने का मौक़ा मिलेगा जिस में चांद बिलकुल सय्यारा ज़ुहरा और ज़मीन के मुक़ाबिल होगा जिस तरह सूरज गहन के वक़्त ज़मीन और सूरज के दरमयान चांद हाइल होता है।

डायरेक्टर नेहरू प्लैनेटेरियम मुंबई डॉ.अरविंद परनज पाई ने बताया कि ये नज़ारा तक़रीबन सारे हिंदुस्तान में देखा जा सकेगा। इस का आग़ाज़ 11 बजे दिन कोचीन से होगा और ये 11 बजकर 29 मिनट पर दिल्ली और उसी वक़्त हैदराबाद में भी देखा जा सकेगा।

ये स्यारा उस वक़्त जबकि चांद जुनूब की सिम्त बढ़ रहा हो, बिलकुल इस के अक़ब में होगा। डॉ.परनज पाई ने कहा कि स्यारा ज़ुहरा इस क़दर बड़ा होता है कि उसे सादा आँख से भी देखा जा सकता है।

26 फ़बरोरी को ये नज़ारा देखना बिलकुल आसान होगा क्युंकि चांद बह आसानी दिखाई देगा। उस दिन चांद हिलाल अह्मर की तरह होगा और सूरज की रोशनी से सिर्फ़ 14% ही मुनव्वर होगा।

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