Wednesday , December 13 2017

चांद की सैर दो आदमीयों के लिए 1.5 बिलीयन डालर

अमेरीकी ख़लाई एजेंसी नासा के साबिक़ आफ़िसरान ने एक निजी कंपनी का आग़ाज़ किया है जिस के तहत वो चांद पर दो अफ़राद को भेजेंगे और इस पर 1.5 बिलीयन डालर लागत आएगी। गोल्डन स्पाईक नामी कंपनी का कहना है कि वो ज़ेर-ए-इस्तेमाल राकेट और कैप्सूल टेक

अमेरीकी ख़लाई एजेंसी नासा के साबिक़ आफ़िसरान ने एक निजी कंपनी का आग़ाज़ किया है जिस के तहत वो चांद पर दो अफ़राद को भेजेंगे और इस पर 1.5 बिलीयन डालर लागत आएगी। गोल्डन स्पाईक नामी कंपनी का कहना है कि वो ज़ेर-ए-इस्तेमाल राकेट और कैप्सूल टेक्नोलोजी का इस्तेमाल करेंगे।

इस कंपनी का मज़ीद कहना है कि वो इस दहाई के आख़िर तक दो अफ़राद को चांद पर भेजने का इरादा रखती है।ये निजी कंपनी उन बहुत सी कंपनीयों में से एक है जो स्पेस एक्स के तजुर्बे से मुस्तफ़ीद होना चाहती हैं। वाज़िह रहे कि स्पेस ऐक्स के ज़रीये बैन-उल-अक़वामी ख़लाई स्टेशन पर सामान भेजा गया था।अमरीका पहला और वाहिद मुल्क है जिस ने 1960 की दहाई में चांद पर इंसान उतारा था।

लेकिन इस पर आने वाले खर्चे और दिलचस्पी में कमी के बाइस चांद पर कोई और मिशन नहीं भेजा गया। सदर बराक ओबामा ने नासा का चांद का मिशन ये कह कर मंसूख़ कर दिया था कि अमेरीका पहले ही चांद पर जा चुका है।नासा के साबिक़ नायब मुंतज़िम ऐलन इस्टर्न गोल्डन स्पाईक कंपनी के सरबराह हैं।

इनका कहना है कि वो दीगर ममालिक की हुकूमतों को चांद के मिशन की पेशकश करेंगे।ये सब चांद पर सबसे पहले जाने की बात नहीं है बल्कि ये बात है कलब में शमूलीयत की। हम 2020 तक उसको अक्श की तरह पेश करेंगे ताकि लोग इससे मुस्तफ़ीद हो सके।

इनका कहना है कि जुनूबी अफ़्रीक़ा, जुनूबी कोरिया और जापान की हुकूमतें साईंसी तहक़ीक़ में दिलचस्पी रखती हैं या फिर क़ौमी वक़ार के लिए ये मिशन करना चाहती हैं।

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