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चांद नजर नहीं आया, रोजा कल से

रांची 10 जुलाई : रमजान उल मुबारक का चांद मंगल को मुल्क के किसी भी हिस्से में नजर नहीं आया। इस वजह तरावीह बुध से पढ़ी जायेगी। जुमेरात 11 जुलाई से रोजा शुरू होगा। एदार-ए-शरिया के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने यह जानकारी दी।

रांची 10 जुलाई : रमजान उल मुबारक का चांद मंगल को मुल्क के किसी भी हिस्से में नजर नहीं आया। इस वजह तरावीह बुध से पढ़ी जायेगी। जुमेरात 11 जुलाई से रोजा शुरू होगा। एदार-ए-शरिया के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि झारखंड, बंगाल,आंध्रप्रदेश, ओड़िशा, बिहार, महाराष्ट्र समेत दीगर कहीं भी चांद नजर नहीं आया है। यह फैसला काजियाने शरीयत, मुफ्तियाने कराम, उलेमा और जिम्मेदार लोग हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा अहाते में हुई बैठक में लिया गया। इमारत ए शरिया के काजी मुफ्ती मोहम्मद अनवर कासमी ने भी चांद नजर नहीं आने की तस्दीक की। दोपहर से ही बादल छाये हुए थे।

आज से पढ़ी जायेगी तरावीह

रुयते हेलाल कमेटी अंजुमन इसलामिया, रांची के कन्वेनर मौलाना असगर मिसबाही ने कहा कि मंगल को मुल्क के किसी भी हिस्से में चांद नजर नहीं आया है। बुध को तरावीह पढ़ी जायेगी। जुमेरात को रमजान उल मुबारक की पहली तारीख होगी। जुमेरात को 3.44 सेहरी खत्म वक़्त होगी और शाम 6.40 बजे इफ्तार होगी।

इधर, मेन रोड वाक़ेय तसलीम महल में बुध से दस दिनों की तरावीह पढ़ी जायेगी। ईशा नमाज की जमाअत 8.30 बजे होगी। तरावीह हाफिज आसिफ इकबाल पढ़ाएंगे। मज्कुरह जानकारी डॉ असलम ने दी है। इसके अलावा भी दारुल हुकूमत में कई जगहों पर तरावीह पढ़ी जायेगी।

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