“चाइल्ड साइंटिस्ट” मुस्तफ़ा अहमद ने इजाद की फ़सलों को बैक्टीरिया से बचाने की तकनीक

“चाइल्ड साइंटिस्ट” मुस्तफ़ा अहमद ने इजाद की फ़सलों को बैक्टीरिया से बचाने की तकनीक
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जोरहट (असम) : 13 साल के मुस्तफ़ा अहमद ने चंडीगढ़ में 23वाँ चाइल्ड साइंटिस्ट अवार्ड जीता है. चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में हुई चिल्ड्रेन साइंस कांग्रेस में उन्होंने फ़सलों को बैक्टीरिया से बचाने की तकनीक बतायी.

असम के रहने वाले अहमद ने अपने प्रोजेक्ट का उन्वान “साइंटिफिक सीड स्टोरेज डिवाइस” रखा था.

जोरहट के सरकारी स्कूल में पढने वाले मुस्तफ़ा अहमद इस कामयाबी से बेहद ख़ुश हैं. उन्होंने कहा “मैं पहली बार नेशनल चिल्ड्रेन साइंस कांग्रेस में आया हूँ. मैं बहुत ख़ुश हूँ. मेरे लिए ये एक शानदार मौक़ा था और मैंने काफ़ी सीखा”

देश भर से कुल 600 स्टूडेंट्स इस कम्पटीशन में भाग लेने आये थे, अहमद के प्रोजेक्ट को 16 सबसे बेहतरीन प्रोजेक्ट में चुना गया. उसका प्रोजेक्ट फ़सलों को बचाने के लिए था.

अहमद ने आगे कहा “मैंने देखा है कि 25 फ़ीसद अनाज तो बैक्टीरिया ही ख़राब कर देते हैं. किसान कितनी म्हणत करते हैं मुझे ये देख के दुःख होता है कि उनके अनाज बर्बाद हो जाते हैं. इसलिए मैं इस तरह का प्रोजेक्ट तैयार किया”

अहमद की कामयाबी से पूरा ख़ानदान और उसका स्कूल भी बहुत ख़ुश है.
मुस्तफ़ा के वालिद मोईनुद्दीन अहमद ने कहा “मुझे अपने बेटे पे फ़ख्र है. ये बड़ा मौक़ा है और मैं अपने बेटे के लिए बहुत ख़ुश हूँ, मैं अपने एहसास का बयान नहीं कर सकता”

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