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चारमीनार से मतसला मंदिर की तामीर के ख़िलाफ़ लोक सभा में डी एम के का एहतेजाज

हैदराबाद के तारीख़ी चारमीनार से मतसला गै़रक़ानूनी मंदिर की तामीर पर लोक सभा में ईज़हार-ए-तशवीश करते हुए डी एम के के एक रुकन ने कहा कि तारीख़ी इमारत का तहफ़्फ़ुज़ हुकूमत की ज़िम्मेदारी है।

हैदराबाद के तारीख़ी चारमीनार से मतसला गै़रक़ानूनी मंदिर की तामीर पर लोक सभा में ईज़हार-ए-तशवीश करते हुए डी एम के के एक रुकन ने कहा कि तारीख़ी इमारत का तहफ़्फ़ुज़ हुकूमत की ज़िम्मेदारी है।

मुबय्यना तौर पर क़बज़ा करके इस तारीख़ी इमारत की एहमीयत घटा दी गई। उन्हों ने मर्कज़ पर ज़ोर दिया कि वो इस मंदिर की मुबय्यना तामीर को रोके और फ़िर्कावाराना कशीदगी भड़कने का मौक़ा ना दे, इस के लिए मर्कज़ी हुकूमत को मुनासिब क़दम उठाना ज़रूरी है।

डी एम के रुकन मुहम्मद अबदुल रहमान ने वक़्फ़ा-ए-सिफ़र के दौरान एवान की तवज्जा इस (गै़रक़ानूनी) मंदिर की तरफ मबज़ूल करवाई। ये मंदिर बरसों पुरानी तारीख़ी इमारत चारमीनार से मुत्तसिल तामीर किया गया है।

इस तारीख़ी और हेरिटेज इमारत से ताल्लुक़ रखने वाली अराज़ी पर मज़ीद क़ब्ज़ों को रोकना ज़रूरी है। मुहम्मद अबदुल रहमान ने मज़ीद कहा कि वो और उन की पार्टी किसी मंदिर या मज़हबी इबादतगाहों के ख़िलाफ़ नहीं हैं, लेकिन चारमीनार से मतसला मंदिर गै़रक़ानूनी है और ये सरासर हुक्काम की लापरवाही के बाइस तामीर हुआ है।

इस का नोट लेना और तारीख़ी इमारत के तहफ़्फ़ुज़ को यक़ीनी बनाना हुकूमत का काम है। उन्हों ने मर्कज़ से ख़ाहिश की के वो फ़ौरी तौर पर मुदाख़िलत करे और इस से पहले कि सूरत-ए-हाल हाथ से निकल जाये, कोई मुनासिब कार्रवाई करे।

पार्लियामेंट में वक़्फ़ा-ए-सवालात के दौरान डी एम के रुकन की इस नोटिस की दुसरे अरकान ने भी हिमायत की। वाज़िह रहे कि तारीख़ी चारमीनार से मतसला मंदिर को गै़रक़ानूनी क़रार दिया गया है। यहां पर किसी मंदिर का वजूद नहीं था।

मुख़्तलिफ़ महिकमों का रिकार्ड भी शाहिद है, लेकिन महिकमा-ए-आसार क़दीमा-ए-इस तारीख़ी इमारत के तहफ़्फ़ुज़ में बरी तरह नाकाम होचुका है।

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