चाहे कुछ भी हो, हम यरुशलम को खोने नहीं देंगे, फलस्‍तीनीयों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे- एर्दोगन

चाहे कुछ भी हो, हम यरुशलम को खोने नहीं देंगे, फलस्‍तीनीयों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे- एर्दोगन
Click for full image

यरूशलम में अमेरिकी दूतावास खोलने के विरोध में गजा पट्टी में हुए व्यापक प्रदर्शनों के दौरान इस्राइली बलों की गोलीबारी में कम-से-कम 59 फलस्तीनियों की मौत हो गयी और विरोध प्रदर्शन अब ही भी जारी है।

साल 1948 के युद्ध में इजराइल ने फिलिस्तीनियों की जमीन पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद कई फिलिस्तीनी इजराइल सैनिकों की गोलीबारी से मारे गए थे, इस वजह से इस दिन को फिलिस्तीनी नकबा दिवस के रूप में मानते हैं। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इस्राइल पर नरसंहार का आरोप लगाते हुए पश्चिमी तट पर आज आम हड़ताल की घोषणा की है।

वर्ल्ड न्यूज अरेबिया को मिली खबरों के अनुसार यूएस एम्बेसी के जेरुसलम में शिफ्ट होने के बाद इजराइल हमलों से हुई फिलिस्तीनियों की मौत पर तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने इसरायल की काफी निंदा की है। उन्होंने इस मानवीय त्रासदी में फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजराइल के हमलों को एक नरसंहार के रूप में वर्णन किया है।

लंदन में एक कॉलेज में छात्रों से बातचीत करते हुए एर्दोगान ने कहा की इजरायल एक आतंकवादी देश है और हम फिलिस्तीनी लोगों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे और यह हमारा हम दृढ़ है।

उन्होंने कहा था की “आज हम मुस्लिम दुनिया से जेरुसलम को खोने नहीं देंगे.” एर्दोगान ने इस “मानवतावादी त्रासदी”, का नरसंहार के रूप में वर्णन करते हुए इजराइल की निंदा की है और कहा है की “इससे कोई फरक नहीं पड़ता है की यह कहाँ से है और कौन कर रहा है, चाहे वह अमेरिका हो चाहे वह इजराइल। तुर्की हमेशा फिलिस्तीन के साथ है।

वर्ल्ड न्यूज अरेबिया के अनुसार एर्दोगान ने कहा की “गाजा में हुए हिंसा के बाद शुक्रवार को इस्तांबुल में एक “बड़ी रैली” आयोजित की जाएगी” और तुर्की रेड क्रिसेंट गाजा में अस्पतालों को मानवीय सहायता प्रदान करेगा।

वर्ल्ड न्यूज अरेबिया को मिली खबरों के अनुसार तुर्की के डिप्टी मिनिस्टर बोझदाग ने कहा था की ” तुर्की सरकार ने इसरायली हिंसा से शहीद हुए फिलिस्तीनियों के लिए तीन दिन का शोक आयोजित किया है।

जैसा की वर्ल्ड न्यूज अरेबिया ने आपको पहले भी खबर दी थी की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले साल दिसंबर में एक नए विवाद को पैदा किया था जब उन्होंने एकतरफा रूप से यरूशलेम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दी और वाशिंगटन के दूतावास को शहर में स्थानांतरित करने की प्रतिज्ञा ली।

Top Stories