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चीनी बिना चाय मोटरसाइकिल महारैली निकालकर प्रधानमंत्री को याद करवाएंगे फर्ज और वादा!

पटना/मुजफ्फरपुर: आगामी 8 अप्रैल को मोतिहारी में चीनी बिना चाय मोटरसाइकिल महारैली निकालकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बिहार में निषाद समाज की शक्ति से भलीभांति अवगत करवायें. यह महारैली कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाली है. उक्त बातें निषाद विकास संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सन ऑफ़ मल्लाह मुकेश सहनी ने मुजफ्फरपुर में संवाददाता सम्मलेन में कहा.

सन ऑफ़ मल्लाह ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री महोदय ने चुनाव के समय मोतिहारी की जनता से वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो सौ दिन के अंदर मोतिहारी में चीनी मिल चालू करवा देंगे. साथ ही उन्होंने इसी चीनी मिल की चीनी से बनी चाय पीने का वादा भी मोतिहारी की जनता से किया था. मगर चार साल हो जाने के बाद भी चीनी मिल चालू नहीं करवाया गया. इसलिए मोतिहारी और बिहार का निषाद समाज प्रधानमंत्री महोदय को बिना चीनी की चाय पिलाएँगे.

पत्रकारों के जबाब में सन ऑफ़ मल्लाह ने कहा कि 2015 में चुनाव के समय मोदी जी ने बड़े आत्मविश्वास के साथ निषाद समाज को आरक्षण देने का वादा किया था. उन्होंने निषाद समाज की तरक्की को अपना फर्ज बताया था. मगर आज वे अपना फर्ज और वादा दोनों भूल गए हैं. इसलिए निषाद विकास संघ के बैनर तले निषाद समाज आगामी 8 अप्रैल को चीनी बिना चाय मोटरसाइकिल महारैली निकालकर अपनी ताकत का एहसास करवाकर प्रधानमंत्री महोदय को उनका वादा और फर्ज याद दिलवाएगा.साथ ही अगर चुनाव के समय निषाद समाज से किए गए सभी वादे पुरे नहीं किए गए तो वादाखिलाफी करने वालों को पानी पिला देंगे. बलवां कोठी चीनी मील मैदान से मोतिहारी राजेंद्र नगर भवन(टाउन हॉल) तक 11 बजे दिन से मोटरसाइकिल यात्रा निकाली जाएगी.

सन ऑफ़ मल्लाह ने कहा कि निषाद क्रांति अपने नए रंग-रूप में अत्यंत तीव्र गति से सफलता की ओर अग्रसर है. निषाद समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सही-गलत की पहचान हो गई है. अगर निषाद समाज से किए गए सारे वादे पुरे नहीं किए गए तो आगामी चुनाव में निषाद समाज अपने साथ छल और वादाखिलाफी करनेवाली पार्टियों को माकूल सबक सिखाएगी.

ज्ञात हो कि विगत 10 मार्च को निषाद विकास संघ के तत्वाधान में बिहार के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर आरक्षण के लिए धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया था. साथ ही 11 मार्च को सन ऑफ़ मल्लाह के नेतृत्व में ऐसी ही एक विशाल मोटरसाइकिल महारैली मुजफ्फरपुर में निकाली गई थी. उस धरना-प्रदर्शन तथा महारैली के बाद बिहार के राजनैतिक गलियारों में निषाद क्रांति के ही चर्चे देखने-सुनने को मिल रहे हैं. सन ऑफ़ मल्लाह के नेतृत्व में बिहार का निषाद तेजी से गोलबंद हो रहा है. युवाओं और नौजवानों का बड़ा वर्ग आज सन ऑफ़ मल्लाह के साथ है. प्रदेश की राजनीति में सन ऑफ़ मल्लाह का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है. सन ऑफ़ मल्लाह के तेवर और निषादों की एकजुटता को देखकर लगता है कि बिहार का निषाद आर-पार की लड़ाई के मूड में है.

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