चुनाव के दो महीने बाद भी तेलंगाना में केसीआर सिर्फ एक मंत्री के सहारे चला रहे सरकार

चुनाव के दो महीने बाद भी तेलंगाना में केसीआर सिर्फ एक मंत्री के सहारे चला रहे सरकार

तेलंगाना में विधानसभा चुनाव के बाद माना जा रहा था कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव अपने मंत्रीमंडल का विस्तार करेंगे, लेकिन दो महीने के बाद भी अभी तक केसीआर के मंत्रीमंडल का विस्तार नहीं हो सका है। अभी भी तेलंगाना की सरकार महज दो मंत्रियों की बलबूते चल रही है। कयास लगाए जा रहे थे कि जनवरी माह में पोंगल के बाद यह मंत्रीमंडल विस्तार हो सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद एक के बाद एक कार्यक्रम और यात्राओं में व्यस्त केसीआर ने अभी तक अपने मंत्रीमंडल का विस्तार नहीं किया है। प्रदेश में सिर्फ दो मंत्री एक खुद मुख्यमंत्री केसीआर और दूसरे मोहम्मद अली जोकि प्रदेश में गृह मंत्रालय संभाल रहे हैं।

टीआरएस के नेताओं को भी इस बात का अंदाजा नहीं है कि आखिर किस वजह से मुख्यमंत्री केसीआर मंत्रीमंडल का विस्तार नहीं कर रहे हैं। प्रदेश में विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को घोषित कर दिए गए थे। प्रदेश की 119 विधानसभा सीटों में से टीआरएस ने 88 सीटों पर जीत दर्ज की थी। जिसके बाद दो दिन बाद केसीआर ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की, उनके साथ मोहम्मद अली ने भी गृहमंत्री की शपथ ली, इससे पहले वह वित्त मंत्री थे। अधिकतम 18 मंत्री आपको बता दें कि तेलंगाना में कुल 18 मंत्री हो सकते हैं, जोकि कुल विधानसभा सीटों का 15 फीसदी है। प्रदेश सरकार के गठन के बाद अभी तक एक भी कैबिनेट बैठक नहीं हुई है। समीक्षा बैठक मुख्य रूप से मुख्यमंत्री के आवास पर होती है और यहां तमाम अधिकारी शामिल होते हैं और फाइलों को यहीं से साइन करके आगे बढ़ाया जाता है। इसमे से कुछ बैठकों में मोहम्मद अली ने भी हिस्सा लिया था और जो फाइलें गृह मंत्रालय और पुलिस विभाग से संबंधित थी उन्हें क्लीयर किया। इस वजह से देरी टीआरएस के सूत्रों का कहना है कि केसीआर इसलिए अधिक समय ले रहे हैं क्योंकि वह खुद अहम विभाग अपने पास रखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि सभी अहम विभाग एक ही मंत्रालय में रहे और इसका जिम्मा एक ही मंत्री के पास हो। टीआरएस के प्रवक्ता आबिद रसूल ने बताया कि कुल 60 विभाग हैं जिसमे मुख्यमंत्री के अलावा कुल 17 मंत्री हैं। आईएएस अधिकारियों की एक कमेटी तमाम विभागों को एक मंत्रालय के भीतर लाने की कोशिश कर रही है, एक बर यह काम हो जाए तो मंत्रालय का विस्तार किया जाएगा।

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