Monday , December 18 2017

चेन्नई में पेट्रोल-ओ-डीज़ल की शदीद क़िल्लत, ज़ख़ीरा अंदोजी के इल्ज़ामात

पेट्रोल के दामों में हालिया इज़ाफ़ा के बाद ऐसा मालूम होता है कि रियासत ( राज्य) तमिलनाडू को किसी की नज़र लग गई है क्योंकि चेन्नई शहर में कई पेट्रोल पंप्स पर नो पैट्रोल ‍ नो डीज़ल के बोर्ड नज़र आये जिससे शदीद क़िल्लत पैदा हो गई है ।

पेट्रोल के दामों में हालिया इज़ाफ़ा के बाद ऐसा मालूम होता है कि रियासत ( राज्य) तमिलनाडू को किसी की नज़र लग गई है क्योंकि चेन्नई शहर में कई पेट्रोल पंप्स पर नो पैट्रोल ‍ नो डीज़ल के बोर्ड नज़र आये जिससे शदीद क़िल्लत पैदा हो गई है ।

ऐसी सूरत-ए-हाल में मोटर नशीनों का ग़ुस्सा में आना फ़ित्री ( आम) बात है । हज़ारों मोटर नशीनों और मोटर साईकल मालिकान ने एहतिजाज मुनज़्ज़म (संगठित) किया जहां उन्होंने इद्दिआ (दावा) किया कि पैट्रोल का गै़रक़ानूनी तौर पर ज़ख़ीरा (store/ स्टाक) किया जा रहा है ताकि उसे ज़्यादा से ज़्यादा दामों में फ़रोख्त ( विक्री/ बेचना) किया जा सके ।

सुबह की औक़ात में सब से ज़्यादा असर दफ़ातिर (दफ्तरों) जाने वालों पर पड़ा । तक़रीबन हर पैट्रोल पंप पर स्टाक मौजूद नहीं है के बोर्डस ने इन का ख़ैर मुक़द्दम ( स्वागत) किया । कुछ पंप्स पर बाक़ायदा ऐलान किया जा रहा था कि पेट्रोल नहीं है । जिन पंप्स पर पेट्रोल मौजूद था वहां गाड़ीयों की तवील ( लंबी)क़तारें थीं ।

इस सूरत-ए-हाल के बाद शहर के कई पेट्रोल पंप्स पर वीरानी छाई और पड़ोसी अज़ला में भी जो पंप्स हैं वहां भी स्टाक जल्द ख़त्म होने का अंदेशा पैदा हो गया है । एक तरफ़ पेट्रोल डीलर्स ये शिकायत कर रहे हैं कि हुकूमत की जानिब से उन्हें पेट्रोल की दरकार मिक़दार सरबराह ( पूर्ती) नहीं की जा रही है तो दूसरी तरफ़ सारिफ़ीन (उपभोगता/ Consumer) का इद्दिआ है कि डीज़ल का स्टाक गै़रक़ानूनी तर्ज़ पर जमा किया जा रहा है ताकि पेट्रोल की तरह डीज़ल की क़ीमतों में भी इम्कानी इज़ाफ़ा के बाद डीज़ल को इज़ाफ़ी क़ीमत पर फ़रोख्त ( विक़्री) करते हुए ज़्यादा से ज़्यादा पैसा कमाया जा सके ।

जबकि सारिफ़ीन से ये कहा जा रहा है कि स्टाक नहीं है । तमिलनाडू की पेट्रोलीयम डीलर की एसोसीएशन के सदर एम कन्नन ने कहा कि रिफ़ाईनरीज़ में चूँकि ख़ाम ( शुद्व) तेल जारी की सफ़ाई जारी है इसीलिए रिफ़ाईनरीज़ से ही सरबराही (पूर्ती) कम की जा रही है ।

अब ऐसी सूरत में हम क्या कर सकते हैं । जब सरबराही (उत्पादन/ पुर्ती) कम होगी तो फ़रोख्त ( विक्री) भी कम होगी । उन्होंने इन इल्ज़ामात को मुस्तर्द(रद्द) कर दिया कि पेट्रोल और डीज़ल का गै़रक़ानूनी तौर पर स्टाक किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि सरबराही (पुर्ती) में कमी की वजह से सबसे ज़्यादा मुतास्सिर (प्रभावित) होने वालों में भारत पेट्रोलीयम कारपोरेशन और हिंदूस्तान पेट्रोलीयम कारपोरेशन शामिल हैं|

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