Friday , November 24 2017
Home / India / छत्तीकसगढ़: ‘आंखफोड़वा कांड’ ऑपरेशन के बाद 5 लोगों ने खोई आँखों की रोशनी

छत्तीकसगढ़: ‘आंखफोड़वा कांड’ ऑपरेशन के बाद 5 लोगों ने खोई आँखों की रोशनी

रायपूर: छत्तीकसगढ़ के कांकेर जिले में एक एनजीओ द्वारा आंखों के ऑपरेशन के बाद लोगों के रोशनी खोने का मामला सामने आया है. अब तक कुल 14 लोगों की आंखों के ऑपरेशन किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिनमें से 5 लोगों की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई है, जबकि 9 लोगों की रोशनी में कमी आई है.
एक एनजीओ ने इस काम को अंजाम दिया. इसके साथ ही उसने नि:शुल्कं इलाज के नाम पर करीब 35 लोगों के साथ ठगी कर उनके स्मासर्ट कार्ड से रकम भी निकाल ली.

Facebook पे हमारे पेज को लाइक करने के लिए क्लिक करिये

प्रदेश 18 के अनुसार, छत्तीसगढ़ में गरीब परिवारों को नि:शुल्क इलाज के लिए राज्य सर्कार ने स्मार्ट कार्ड दिए हैं, इसके माध्यगम से हर परिवार तीस हजार रुपए तक की रकम इलाज के लिए खर्च कर सकता है.
इन स्मार्ट कार्ड पर कुछ कथित एनजीओ की नजर पड़ी और उन्होंसने इसकी रकम हड़पने की योजना बना डाली. उन्हों ने अपने एजेंटों को गांव-गांव में भेजकर नि:शुल्क उपचार के नाम पर ग्रामीणों को अपने जाल में फंसाया और उनके स्मार्ट कार्ड की रकम को खाली करने में जुट गए. यह ऑपरेशन पिछले महीने अक्टूबर में हुआ था.
यहां एक उजाला नामक एनजीओ ग्रामीणों को मोतियाबिंद के नि:शुल्क ऑपरेशन के नाम पर रायपुर ले गया. वहां एक निजी अस्पताल में उनकी आंखों का ऑपरेशन करवा दिया. इस गांव के करीब 14 लोगों के ऑपरेशन किए गए. ऑपरेशन के बाद लोगों की आंखों में तकलीफ होने लगी. 5 लोग अपनी आंख की रोशनी पूरी तरह से खो चुके हैं, जबकि 9 अन्यी की आंखों की रोशनी कम हो गई है.

नि:शुल्कआ इलाज के नाम पर भोले-भाले ग्रामीणों से कागजों पर अंगूठा लगवाकर उनके स्मार्ट कार्ड से रकम निकाल ली गई. इस प्रकार स्मार्ट कार्ड से ठगी और ऑपरेशन से आंखें खराब हो जाने की खबर जब जिला प्रशासन और स्वा स्थ्य् विभाग को लगी तो स्वा स्‍थ्यक विभाग ने तत्काकल एक जांच टीम गांव में भेजी. इसमें जिले के स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) डाक्टर रात्रे और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नेत्र सहायक अधिकारी डॉ. सिन्हा शामिल थे. टीम ने गांव में जाकर प्रभावितों की जांच की.

डॉ. रात्रे के अनुसार, इन ग्रामीणों को कोई एनजीओ मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए रायपुर ले गया था. वहां ओम नेत्र केंद्र एंड विजन नाम के निजी अस्पताल में इनका ऑपरेशन किया गया. ऑपरेशन में प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया, जिस कारण ये दृष्टिहीन हो गए. अब स्वास्थ्य विभाग इनका इलाज करवाएगा.
जांच टीम का कहना है कि इलाके में करीब 30 से 35 लोगों के स्मार्ट कार्ड से पैसे निकाले गए. उन्होंीने आशंका जताई कि पीड़ित ग्रामीणों की संख्या और भी ज्यालदा हो सकती है.फिलहाल जिला प्रशासन और स्वानस्य्ाई विभाग की ओर से उजाला एनजीओ और ओम नेत्र केंद्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यकक कार्रवाई की जाएगी.
#eye loss

TOPPOPULARRECENT