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छपरा आपत्तिजनक वीडियो मामला : इंस्पेक्टर व तीन थानाध्यक्ष सस्पेंड, इंटरनेट सेवा ठप

सारण : बिहार के सारण जिले में पांच दिन पहले आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के कारण मचे बवाल के बाद छपरा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जन जीवन सामान्य दिखा. सुबह से ही दुकानदारों ने जहां अपनी दुकानें खोलीं, वहीं खरीदारों की भी भीड़ देखी गयी. सुबह से ही शहर के मौना चौक, साढ़ा ढाला जाने वाली रोड, सले मपुर चौक, गांधी चौक, साहेबगंज रोड, नगरपालिका चौक, जोगिनिया कोठी, पंकज सिनेमा रोड, हॉस्पिटल रोड, डाकबंगला रोड, भगवान बाजार, गुदरी बाजार में पूरे दिन लोगों ने खरीदारी की.

वहीं विभिन्न सरकारी एवं निजी बैंकों में भी कारोबार हुआ. हालांकि शहर के हथुआ मार्केट तथा साहेबगंज में 15 से 20 फीसदी दुकानें नहीं खुलीं. सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा सभी चौक-चौराहों व संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी थी. जिला प्रशासन ने विशेष सुरक्षा के मद्देनजर आइटीबीपी, रैफ आदि के जवानों को विशेष रूप से तैनात किया था. वहीं विभिन्न मुख्य मार्गों में पुलिस ने पांचवें दिन भी फ्लैग मार्च किया, ताकि आम जनों में भय का माहौल खत्म हो तथा प्रशासन के प्रति सुरक्षा के मामले में विश्वास बहाल हो.

साढ़ा ढाला बस स्टैंड, सरकारी बस डीपो, छपरा जंकशन, छपरा कचहरी स्टेशन पर जहां यात्रियों की आवाजाही सामान्य रही. वहीं सरकारी कार्यालयों में भी अपने आवश्यक कार्यों के निष्पादन के लिए ग्रामीण क्षेत्र से लोग पहुंचे थे. हालांकि यह संख्या भी सामान्य दिनों की भांति कम थी. सुरक्षा के मद्देनजर जिले के दर्जनभर निजी विद्यालयों ने मंगलवार को भी पठन-पाठन का कार्य स्थगित रखा. विद्यालय प्रबंधन का कहना था कि सुरक्षा के मद्देनजर ही ऐसा किया गया है.

मंगलवार को पूरे दिन स्थिति सामान्य रही तो बुधवार से कक्षाओं का संचालन किया जायेगा. हालांकि सभी सरकारी शिक्षण संस्थान के अलावे कुछ निजी संस्थानों में कक्षाओं का संचालन किया गया. वहीं पूरे दिन शहर में सामान्य स्थिति रहने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के चेहरे पर सुकुन दिखा. बजरंग दल ने आरोप लगाया है कि छपरा बंद के दौरान गत शनिवार को उपद्रवियों द्वारा साहेबगंज खनुआ नाला पर लूटपाट, गोली बम चलाने, विभिन्न दुकानों-धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के मामले में साजिश के तहत संगठन को बदनाम करने तथा कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गयी है. उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रतिष्ठा नों एवं धार्मिक स्थलों की हुए नुकसान के मामले में सरकारी एवं निजी स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाला जाये तो सच्चाई सामने आ जायेगी.

बजरंग दल की जिला इकाई के सोनु कुमार ने जारी विज्ञप्ति में पूरी घटना की जांच निगरानी व सीबीआइ से कराने तथा बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मानसिक प्रताड़ना से बचाने की मांग की है. सारण के डीएम के अलावे प्रधानमंत्री, मानवाधिकार आयोग, बिहार के डीजीपी, मुख्यमंत्री, आइजी, एडीजी, गृह सचिव, सारण तथा महाराजगंज के सांसद, स्थानीय विधायक को भेजे पत्र में उन्होंने लिखा है कि आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में मकेर के तत्कालीन थानाध्यक्ष के टाल-मटोल की नीति के कारण ही इतनी बड़ी समस्या खड़ी हो गयी.

जिला भाजपा इकाई एबीवीपी एवं बजरंग दल द्वारा जिला प्रशासन को पूर्व में सूचना देकर ही छपरा बंद का आह्वान किया गया था. सभी कार्यकर्ता शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर बंद कराने में लगे थे. इसी बीच खनुआ नाले पर असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थरबाजी व लूटपाट की घटना शुरू की गयी. साजिश के तहत खनुआ नाले के पास असामाजिक तत्वों द्वारा सामाजिक सदभाव बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है. प्रशासन के द्वारा इस पूरे मामले में निर्दोष व्यक्तियों को तबाह होने से बचाने का प्रयास होना चाहिए.

शांति मार्च निकालने की नहीं मिली अनुमति

भाकपा-माकपा तथा भाकपा माले के तत्वावधान में मंगलवार को होने वाले शांति एवं सद्भावना मार्च पर जिला प्रशासन ने रोक लगा दिया. संगठन के सचिव भाकपा माले के सारण जिला कमेटी के सचिव गंगा सागर राम ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि प्रशासन की अनुमति नहीं दिये जाने के कारण सद्भावना मार्च रद्द कर दिया गया. हालांकि इन संगठनों के सदस्यों ने नगर पालिका मैदान में आम सभा की.

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