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छोटे कारोबारी अफ़राद ही मआशी सरगर्मीयों का मर्कज़ और मुहर्रिक

नई दिल्ली मआशी बोहरान के वक़्त हुकूमत की इआनत। वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी का तैक़ून

नई दिल्ली

मआशी बोहरान के वक़्त हुकूमत की इआनत। वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी का तैक़ून

वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने आज छोटे ब्योपारियों बिशमोल तरकारी और दूध फ़रोश, बाफ़िंदों और सुनाऊं न्यूज़ पेपर वन्डर्स तक रसाई हासिल करते हुए कहा है कि हिन्दुस्तान मईशत को दरहक़ीक़त छोटे छोटे यूनिट्स चला रहे हैं ना की बड़ी कंपनीयां मुल्क भर में छोटे ब्योपारियों को रवाना एक मकतूब में वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि दरअसल आप लोग ही हमारी मआशी सरगर्मीयों का मुहर्रिक हैं और आप लोगों की बदौलत मईशत का इस्तिहकाम है।

छोटे ताजरीन के मुफ़ाद में हुकूमत के मुख़्तलिफ़ इक़दामात बिशमोल मदवा का तज़किरा करते हुए वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि अगर आप के हाथ मज़बूत होंगे तो मेरा ईम्कान है कि हमारी क़ौम आसमान की बुलंदीयों तक पहुंच सकती है। अब आप लोग ख़ुद बह आसानी कारोबार करने के अहल होंगे और सरकारी ओहदेदारों की हिरासानी नहीं होगी। रोज़मर्रा की सरगर्मीयों, मसनूआत की तैयारी केलिए मतलूब अशीया और मार्किट में फ़रोख़त केलिए क़र्ज़ हासिल करसकते हैं।

ये मकतूब 31 मार्च को तहरीर किया गया था जिसे आज जारी किया गया है जिस में वज़ीर-ए-आज़म ने मईशत के फ़रोग़ में छोटे कारोबारी अफ़राद के रोल को उजागर किया है और कहा कि अगर ना ये वहम-ओ-गुमान रहता है कि मुल्क की मईशत को बड़ी कंपनीयां चलाती हैं लेकिन हक़ीक़त में आप जैसे 5.5 करोड़ छोटे यूनिट्स छोटी छोटी मसनूआत की पैदावार तिजारत और ख़िदमात के ज़रिए हमारी मईशत को फ़रोग़ देते हैं।

मुक भर में 11-12 करोड़ अफ़राद को रोज़गार फ़राहम करने पर सताइश करते हुए वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि इन में अक्सरीयत एससी, एसटी, ओ बी सी और अक़िलीयतों की है और हिन्दुस्तान की तरक़्क़ी और फ़राहमी रोज़गार और ख़ुशहाली आप पर मुनहसिर है। उन्होंने कहा कि हुकूमत का ये फ़रिज़ा है कि छोटे ब्योपारियों और कारोबारी अफ़राद की मआशी बोहरान के वक़्त इआनत की जाये ताकि ये एहसास पैदा हो इन का मुस्तक़बिल महफ़ूज़ है।

अगर हम ये काम करते हैं तो ये यक़ीनी है कि आप लोग क़ौम को तरक़्क़ी की बुलंदीयों पर पहुंचा सकते हैं। वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि छोटे ब्योपारियों को मामूली शरह सूद पर क़र्ज़ फ़राहम करने केलिए हुकूमत MUDRA बैंक क़ायम किया। प्रधान मंत्री जन धन योजना के तहत अकाउंट से 5 हज़ार रुपये का क़र्ज़ हासिल किया जा सकता है जबकि माहाना एक रुपये प्रीमीयम अदा करने पर 2 लाख रुपये का हादिसाती बीमा और नौजवानी की उम्र से माहाना 250 रुपये जमा करवाने पर 60 साल के बाद माहाना 5,000 रुपये वज़ीफ़ा अदा किया जाएगा।

वज़ीर-ए-आज़म ने छोटे ब्योपारियों से पुर ज़ोर अपील की कि सरकारी स्कीमात से इस्तिफ़ादा करने हिन्दुस्तान को एक आलमगीर ताक़त बनाईं क्योंकि जब पर (Wings) हो तो परवाज़ (Fly) ख़ुदबख़ुद की जाती है। दरीं असना वज़ीर-ए-आज़म नरेंद्र मोदी ने अंग्रेज़ी रोज़नामा हिन्दुस्तान टाईम्स को दिए गए एक इंटरव्यू में ये इल्ज़ाम आइद किया कि ख़ानगी शोबा हुनूज़ लकीर का फ़क़ीर बना हुआ है और महसोलयाती दहशतगर्दी और मख़सूस इस्तिस्ना जैसे मीरासी मसाइल में फ़ना हुआ है और कहा कि सुर्ख़ फ़ीता शाही को सिर्फ़ मुकेश अंबानी की ख़ातिर हटाया नहीं जा सकता।

वज़ीर-ए-आज़म ने कहा कि इनका ये काम नहीं किसी को चमचे से ग़िज़ा खिलाईं और सरकारी पालिसीयों से हम आहंग होने पर ही सनअतें क़ायम होती हैं बसूरत-ए-दीगर कहीं और चली जाती हैं। ये इद्दिआ करते हुए कि हुकूमत आम आदमी केलिए काम कररही है और उनकी तर्जीहात में मुल्क के ग़रीब हैं। सनअतकार बेहतरीन हुक्मरानी के फ़वाइद से इस्तिफ़ादा करसकते हैं क्योंकि हुकूमत ने बगै़र किसी इमतियाज़ हर एक केलिए बेहतरीन हुक्मरानी शुरू की है और हुकूमत ने फ़राख़दिलाना मआशी पालिसीयां वज़ा की हैं।

अगर सनअतकारों केलिए ये साज़गार हो तो पेशरफ़त करसकते हैं या फिर अपनी पसंदीदा मुक़ाम पर रह सकते हैं। वज़ीर-ए-आज़म से जब ये सवाल किया गया था सख़्त गीर क़वाइद-ओ-ज़वाबत में तबदीली ना लाने से सनअतकार मायूस हैं और टैक्स की अदायगी केलिए नोटिसें जारी करने से पस-ओ-पेश में हैं जिस पर उन्होंने मज़कूरा रद्द-ए-अमल ज़ाहिर किया है।

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