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जगन की हरकतों से वाई ऐस आर की रूह को तकलीफ़

कांग्रेस लीजसलेचर पार्टी ने सदर वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी जगन मोहन रेड्डी से इस्तिफ़सार (सवाल)किया कि क्या डाक्टर राज शेखर रेड्डी ने कोई वसीयत की थी कि उन के मरने के बाद नई पार्टी तशकील दे कर कांग्रेस पार्टी में फूट डाल देना। अगर

कांग्रेस लीजसलेचर पार्टी ने सदर वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी जगन मोहन रेड्डी से इस्तिफ़सार (सवाल)किया कि क्या डाक्टर राज शेखर रेड्डी ने कोई वसीयत की थी कि उन के मरने के बाद नई पार्टी तशकील दे कर कांग्रेस पार्टी में फूट डाल देना। अगर ऐसी वसीयत नहीं की है तो जगन की हरकतों से उन की रूह को तकलीफ़ पहुंच रही होगी।

आज सी एल पी ऑफ़िस असेंबली में प्रैस कान्फ़्रैंस से ख़िताब करते हुए रियास्ती वज़ीर प्राइमरी तालीम शैलिजा नाथ ने ये बात कही। इस मौक़ा पर रियास्ती वज़ीर-ए-क़ानून ई प्रताप रेड्डी भी मौजूद थे। शैलिजा नाथ ने कहा कि जगन और उन के हामी क़ुर्बानी देने का जो भी दावा कर रहे हैं, वो बे बुनियाद है, बल्कि क़ुर्बानी जैसे लफ़्ज़ की तौहीन है।

इक़तिदार की ख़ातिर जगन ने इस्तीफ़ा दिया और जगन से फ़ायदा उठाने वालों ने भी इस की तक़लीद की है। कांग्रेस के अरकान असेंबली ने क़ुर्बानी के नाम पर जो क़ुर्बानी दी है, इस से डाक्टर राज शेखर रेड्डी की रूह को तकलीफ़ पहुंच रही है, क्योंकि अज़ीम क़ाइद अपनी आख़िरी सांस तक कांग्रेस कारकुन रहे हैं।

वो सोनीया गांधी की क़ियादत को मुस्तहकम करने और राहुल गांधी को 2014-में वज़ीर-ए-आज़म बनाने का अज़म(इरादा) रखते थे। डाक्टर राज शेखर रेड्डी की मौत के बाद कांग्रेस के 150 अरकान असेंबली ने जगन को चीफ़ मिनिस्टर बनाने के लिए याददाश्त पर दस्तख़त करने के सवाल का जवाब देते हुए रियास्ती वज़ीर ने कहा कि वो दस्तख़त का एतराफ़ करते हैं,

क्योंकि उस वक़्त सब ने दस्तख़त की थी, मगर जगन के कांग्रेस छोड़ने के बाद सिर्फ 17 अरकान असेंबली उन के साथ रहे, बाक़ी सब कांग्रेस के वफ़ादार हैं। उन्हों ने कहा कि जगन मफ़ाद परस्त हैं, उन के साथ जाने वाले सियासी क़ाइदीन का मुस्तक़बिल तारीक है, लिहाज़ा उन क़ाइदीन को चाहीए कि अपने फ़ैसला पर नज़रसानी (दोबारा गौर) करलें, क्योंकि जगन ने सियासी पार्टी तो तशकील दी है, मगर उन की पार्टी का कोई एजंडा नहीं है।

कांग्रेस के इंतिख़ाबी मंशूर का अग़वा करते हुए इस को अपना एजंडा बता रहे हैं। कांग्रेस हुकूमत किसानों और ख़वातीन को बेला सूदी क़र्ज़ और ग़रीब अवाम को एक रुपया केलो चावल दे रही है, जब कि जगन के पास ऐसी कोई पालिसी नहीं है।

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