Thursday , December 14 2017

जगन मोहन रेड्डी का सीमा आंध्र में मुत्तहदा आंध्र तहरीक की क़ियादत करने का अज़म

सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत में इजाज़त की दरख़ास्त , कोर्ट का फैसला बाक़ी

सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत में इजाज़त की दरख़ास्त , कोर्ट का फैसला बाक़ी

वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी के सदर वाई ऐस जगन मोहन रेड्डी ने सीमा आंध्र इलाक़ों में मुत्तहदा आंध्र की तहरीक की क़ियादत करने का फ़ैसले किया है।उन्होंने सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत में दरख़ास्त दाख़िल करते हुए अपील की कि उन्हें सीमा आंध्र इलाक़ों के दौरा की इजाज़त दी जाये। जगन मोहन रेड्डी की तरफ‌ से अदालत में दरख़ास्त दाख़िल करते हुए अक्टूबर के पहले हफ़्ते में कड़पा और गुंटूर के दौरे की इजाज़त की दरख़ास्त की गई। वाज़िह रहे कि वाई ऐस जगन मोहन रेड्डी ने ग़ैर मह्सूब असासाजात के मुक़द्दमे में मशरूत ज़मानत पर रिहाई के फ़ौरी बाद अपनी सियासी सरगर्मीयों का आग़ाज़ कर दिया और वो सीमा आंध्र में जारी मुत्तहदा आंध्र के हक़ में एहतेजाज को पार्टी के हक़ में करने के लिए कोशां हैं।

बताया जाता है कि जगन की तरफ‌ से उनके वकील ने आज सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत में दरख़ास्त दाख़िल की जिस में बताया गया कि जगन मोहन रेड्डी अक्टूबर के पहले हफ़्ते में कड़पा बिखुसूस अड्डो पोला पाया का दौरा करना चाहते हैं जहां उनके वालिद आँजहानी डाक्टर वाई ऐस राज शेखर रेड्डी की समाधि है। इस दरख़ास्त पर अदालत ने कोई फ़ैसला नहीं सुनाया। वाज़िह रहे कि 16महीने जेल में रहने के बाद मंगल के दिन सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत ने जगन को मशरूत ज़मानत पर रिहाई का हुक्म दिया।

शराइत में रखा गया है कि जगन मोहन रेड्डी अदालत की इजाज़त के बगै़र हैदराबाद से बाहर ना जाएं। जगन मोहन रेड्डी एक‌ और 2अक्टूबर को कड़पा, 4अक्टूबर को गुंटूर का दौरा करना चाहते हैं। वो सीमा आंध्र में अपनी मुहिम के आग़ाज़ के तौर पर पोली वीनदला में जल्सा-ए-आम से ख़िताब का मंसूबा रखते हैं और रियासत की तक़सीम के ख़िलाफ़ जारी एहतेजाज में हिस्सा लेने के लिए वो 4अक्टूबर को गुंटूर के दौरे का इरादा कररहे हैं।

कड़पा और गुंटूर में मुत्तहदा आंध्र के हक़ में ज़बरदस्त तहरीक जारी है और कांग्रेस मुख़ालिफ़ इस लहर का फ़ायदा उठाते हुए जगन मोहन रेड्डी पहले मरहले में इन दोनों अज़ला के दौरे का फ़ैसला किया है। वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी क़ाइदीन को उमीद है कि अदालत उन्हें इस दौरे की इजाज़त दे देगी। जगन ने गुज़िश्ता दो दिनों में पार्टी अरकान‍-ए‍-पार्लियामेंट‍ और‌ असेम्बली के अलावा सीनीयर क़ाइदीन के साथ रियासत की ताज़ा तरीन सूरत-ए-हाल पर सरगर्म मुशावरत की और फ़ौरी तौर पर मुत्तहदा आंध्र की तहरीक में शमूलीयत का फ़ैसला किया।

बताया जाता है कि रिहाई के बाद हैदराबाद में अवाम ने जिस वालहाना अंदाज़ में इनका इस्तिक़बाल किया इस से वाई ऐस आर कांग्रेस पार्टी के हौसले काफ़ी बुलंद हैं। सीमा आंध्र के अज़ला से भी जगन के दौरे के लिए क़ाइदीन का मुसलसल दबाव‌ बढ़ रहा है। पार्टी ज़राए ने बताया कि अदालत से इजाज़त मिलने के बाद जगन मोहन रेड्डी सीमा आंध्र के साथ साथ तेलंगाना के बाअज़ इलाक़ों के दौरे का मंसूबा रखते हैं।

उन्हें यक़ीन है कि तेलंगाना में उनके दौरे की मुख़ालिफ़त नहीं की जाएगी। वाज़िह रहे कि ग़ैर मह्सूब असासाजात के मुक़द्दमे में सी बी आई तहक़ीक़ात की तकमील के बाद जेल से रिहाई को अपोज़िशन की तरफ‌ से तन्क़ीद का निशाना बनाया जा रहा है।अपोज़िशन का इल्ज़ाम है कि कांग्रेस और वाई ऐस आर कांग्रेस में खु़फ़ीया मुआहिदे के बाद जगन की रिहाई की राह हमवार की गई। इसी दौरान जगन मोहन रेड्डी मुक़द्दमे के एक और मुल्ज़िम सनअत कार नुमा गड्डा प्रसाद और आई ए एस ओहदेदार के वे ब्रह्मानंद रेड्डी की ज़मानतों की दरख़ास्त की समाअत को सी बी आई की ख़ुसूसी अदालत ने 3अक्टूबर तक मुल्तवी कर दिया है।

सी बी आई ने इन दोनों की ज़मानतों की दरख़ास्त पर जवाब दाख़िल करने के लिए अदालत से वक़्त मांगा है। जगन मोहन रेड्डी के मआशी उमोर के मुशीर विजय‌ साई रेड्डी ने भी ज़मानत के लिए दरख़ास्त दाख़िल की है। जगन मोहन रेड्डी जो कि मुक़द्दमे के असल मुल्ज़िम हैं उनकी ज़मानत की मंज़ूरी के बाद दीगर मुल्ज़िमीन की ज़मानत के इमकानात रोशन नज़र आरहे हैं।

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