Monday , December 18 2017

जदयू और कांग्रेस एक, राजद पर बढ़ा दबाव

रियासत में भाजपा मुखालिफत गोलबंदी की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जनता परिवार का इंजेमाम टलने के बाद अब जदयू-राजद इत्तिहाद पर भी ग्रहण लगता नजर आ रहा है। इस दरमियान जदयू और कांग्रेस के दरमियान नजदीकी बढ़ी है। इससे राजद पर दबाव बढ़ता न

रियासत में भाजपा मुखालिफत गोलबंदी की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जनता परिवार का इंजेमाम टलने के बाद अब जदयू-राजद इत्तिहाद पर भी ग्रहण लगता नजर आ रहा है। इस दरमियान जदयू और कांग्रेस के दरमियान नजदीकी बढ़ी है। इससे राजद पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। पीर को पटना में वजीरे आला नीतीश कुमार ने जहां जनता परिवार के इंजेमाम पर पूछे गए सवाल को टाल दिया, वहीं उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस से तामलेल को लेकर कोई भ्रम नहीं है। जबकि दिल्ली में कॉंग्रेस सदर सोनिया गांधी ने बिहार में नीतीश कुमार की कियादत में इंतिख़ाब लड़ने की जरूरत बताई।

उन्होंने इसमें राजद को भी साथ आने की तजवीज दिया। वह रियासत कांग्रेस सदर अशोक चौधरी से बिहार के सियासी हालात और इंतिख़ाब की पॉलिसी पर बहस कर रही थीं। दो दिन पहले कांग्रेस नायब सदर राहुल गांधी ने भी बिहार में कांग्रेस के नीतीश कुमार के संग इंतिखाबी अखाड़े में उतरने के इशारे दिए थे। इससे राजद पर दबाव बढ़ गया है।

उधर, पीर को राजद सरबराह लालू प्रसाद के सुर बदले। उन्होंने कहा कि अगर साथ चलना है, तो भरोसा करना होगा। लगे हाथ यह भी कहा कि पटे तो भी ठीक और नहीं पटे तो भी ठीक। इससे पहले दोपहर में उन्होंने पार्टी लीडरों की तरफ से इत्तिहाद के मामले में दिए बयानों पर नाराजगी जताई। राजद लीडरों को नसीहत दी कि वह जो कुछ कहना है पार्टी के अंदर कहें। अवामी बयान देने से परहेज करें।

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