Friday , December 15 2017

जदीद तालीम का फरोग वक़्त की अहम ज़रूरत : हाजी हुसैन

अलामा अरशदुल कादरी फाउंडेशन के ज़ेरे एहतेमाम चलने वाले तालीमी अदारा बरकात अरशद की नयी इमारत का इफ़्तिताह झारखंड हुकूमत के काबीना वजीर और मुक़ामी रुक्न एसेम्बली अलहाज हुसैन अंसारी के हाथों से किया गया। वाजेह हो की इमारत की तामीर के

अलामा अरशदुल कादरी फाउंडेशन के ज़ेरे एहतेमाम चलने वाले तालीमी अदारा बरकात अरशद की नयी इमारत का इफ़्तिताह झारखंड हुकूमत के काबीना वजीर और मुक़ामी रुक्न एसेम्बली अलहाज हुसैन अंसारी के हाथों से किया गया। वाजेह हो की इमारत की तामीर के लिए अलहाज अंसारी ने अपने एमएलए फंड से 4 लाख 90 हज़ार रुपए की लागत से इमारत तामीर कराई है। बरकात अरशद के तल्बा ने खैर मकदम गीत गाकर वज़ीर का इस्तकबाल किया। प्रोग्राम की सदारत मौलाना अजहर कादरी सकाफती फाउंडेशन के चेयरमैन ने की और नकाबत की फरायज़ मौलाना यासीन फैज़ी ने अंजाम दिए। मेहमान खुसुसि की हैसियत से मारुफ़ उसताज सायर मौलाना अलहाज़ अब्दुर्रहमान फैज़ि भी जलवह अफ़रोज है। इस के इलावा काफी तादाद में ओलमाये किराम और दानिश्वरान ने भी शिरकत की जिसमें मौलाना इम्तियाज़ अहमद, मौलाना कुतूबुर्रहमान, मौलाना शरफुद्दीन, मौलाना खुर्शीद आलम, कारी शराफत हुसैन, अब्दुल अज़ीज़ वगैरह के नाम कबीले ज़िक्र हैं।

इस मौके पर अलहाज़ हुसैन अंसारी ने अपने इफ़्तिताही तकरीब से खिताब करते हुये कहा की आज तालीम की खुशबू घर-घर तक पहुँचने की ज़रूरत है। अल्लामा अर्शदुल कादरी फाउंडेशन ने हमेशा क़ौम की बच्चों को तालीम से जोड़ने के पहल की है जिसकी तामीर इस शेखपुरा गाँव में भी देखने को मिल रही है। उन्होने कहा की अभी भी बहतू सारी कमियाँ हैं। दिनी तालीम के साथ जदीद उलूम को भी जोड़ना ज़रूरी है। इस दौर में इन्फोर्मेशन टेक्नालजी का बड़ा अहम मुकाम है जिसकी जानिब बच्चों का तालीम दिया जाना अहम ज़रूरत है। वहीं मेहमान खुसुसि अब्दुर्रहमान फैज़ी ने कहा की इस तरह के नेक कामों के लिए हुसैन अंसारी की जितनी सतायीश की जाये कम है। उन्होने कहा की अदारा में अभी बहुत कुछ किए जाने की ज़रूरत है। यहाँ इन्फोर्मेशन टेक्नालोजी की तालीम भी जल्द शुरू की जाएगी।

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