Tuesday , January 23 2018

जनमत संग्रह के खिलाफ़ तुर्की में प्रदर्शन, 49 लोगों को किया गया गिरफ्तार

एंटाल्या। तुर्की में संवैधानिक बदलावों के विरोध में देशव्यापी आंदोलन शुरू हो गए हैं। आंदोलन करने पर अब तक 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। देश में हुए जनमत संग्रह में राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन की जीत के बाद से संवैधानिक बदलावों के लेकर विरोध हो रहा है।

समाचार पत्र हुर्रियत के मुताबिक, पुलिस ने एंटाल्या के भूमध्य प्रांत से 14 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इसी स्थान पर रविवार को हुए जनमत संग्रह में बहुधाधिक संख्या में लोगों ने संवैधानिक बदलावों के विरोध में वोट किया था।

निर्वाचन आयोग का कहना है कि शुरुआती नतीजों से पता चला कि 51.4 फीसदी मतदाताओं ने तुर्की के इस बदलाव का समर्थन किया है। हालांकि, विपक्षी पार्टियां ‘तुर्किश बार एसोसिएशन’ और ‘ऑर्गेनाइजेशन फॉर सिक्योरिटी एंड कॉर्पोरेशन इन यूरोप’ का कहना है कि यह जनमत संग्रह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है।

तुर्की के वर्तमान राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन वर्ष 2014 में राष्ट्रपति बने थे। इससे पहले वह 10 वर्ष तक तुर्की के प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। इस जनमत संग्रह में जीत के बाद कानून संशोधन के जरिए राष्ट्रपति एर्दोगन को तुर्की के संस्थापक मुस्तफा कमाल अतार्तुक और उनके उत्तराधिकारी इस्मत इनोनु के बाद सबसे अधिक शक्तियां मिल जाएंगी।

ऐतिहासिक जनमत संग्रह में जीत के बाद हो रहे संवैधानिक बदलावों से राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन को सभी राज्यों की शासन व्यवस्था पर नियंत्रण की शक्तियां मिल जाएंगी। साथ ही प्रधानमंत्री का पद पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा।

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