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जनरल क्यानी का जेल में लखवी के सेल फ़ोन को ज़बत करने से इनकार

वाशिंगटन २४ नवंबर( पी टी आई ) पाकिस्तान के फ़ौजी सरबराह जनरल इशफ़ाक़ परवेज़ क्यानी ने अमरीका की इस दरख़ास्त को मुस्तर्द करदिया है जहां जेल की सज़ा काट रहे लश्कर-ए-तुयेबा कमांडर ज़की अलरहमन लखवी के सेल फ़ोन को ज़बत करने की हिदायत की गई थी ।

वाशिंगटन २४ नवंबर( पी टी आई ) पाकिस्तान के फ़ौजी सरबराह जनरल इशफ़ाक़ परवेज़ क्यानी ने अमरीका की इस दरख़ास्त को मुस्तर्द करदिया है जहां जेल की सज़ा काट रहे लश्कर-ए-तुयेबा कमांडर ज़की अलरहमन लखवी के सेल फ़ोन को ज़बत करने की हिदायत की गई थी ।

लखवी इस सेल फ़ोन से रावलपिंडी जेल से अपने मुख़्तलिफ़ ऑपरेशंस केलिए अपने मातहतों को हुक्म दिया करता था । अमरीका की इस दरख़ास्त को मुस्तर्द कुरदने के बाद ये वाज़िह होजाता है कि मुल़्क की ताक़तवर फ़ौज और दहश्तगर्द तंज़ीम के माबैन कुछ ना कुछ साज़बाज़ ज़रूर है ।

तहक़ीक़ाती रिपोर्ट के ज़रीया ये बात सामने आई है कि मिस्टर क्यानी ने अमरीकी दरख़ास्त को यकसर मुस्तर्द कर दिया है । अमरीकी वज़ीर-ए-ख़ारजा हलारी क्लिन्टन और नैशनल स्कियोरटी कौंसल को जारी किए गए मेमो में भी इस बात का तज़किरा किया गया है ।

मज़कूरा रिपोर्ट को पी बी ऐस फ्रंटलाइन ने टैलीकास्ट् किया है और परोपबलका की वैब साईट पर भी जारी किया है । अब इस बात पर मज़ीद तबसरा किया होसकता है कि जब पाकिस्तानी हुक्काम ही लखवी के हामी हैं तो रावलपिंडी जेल लखवी का हेडक्वार्टर बन चुका है जहां वो सेल फ़ोन के ज़रीया अपनी तमाम सरगर्मीयां जारी रखे हुए है ।

पी बी ऐस परोपबलीका की मुशतर्का तहक़ीक़ात के मुताबिक़ अमरीका के एक सीनियर ओहदेदार और जनरल क्यानी के दरमयान पाकिस्तान और अमरीका के बिगड़ते हुए ताल्लुक़ात पर बातचीत हुई थी और ये सिलसिला नवंबर 2008 -ए-में मुंबई में हुए दहश्तगर्द हमलों के बाद से शुरू हुआ था जहां हिंदूस्तान के हमलों की तमाम तर्ज़ुमा दारी लश्कर-ए-तुयेबा के सर मुंढ दी थी।

इस मौक़ा पर अमरीकी ओहदेदार ने इस बात पर तशवीश ज़ाहिर की थी कि मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड समझा जाने वाला लखवी पुलिस तहवील में होने के बावजूद अपने मातहतों को मुख़्तलिफ़ हिदायतें दे रहा है ।

प्रॊपब्लिका ने भी इस सिलसिला में अमरीकी हुकूमत के मेमो का तज़किरा किया है और ये भी कहा गया है कि मेमो में ये वाज़िह तौर पर तहरीर किया गया है और जनरल परवेज़ क्यानी को इस बात का भी इलम है कि पाकिस्तान की जासूस एजैंसी आई एस् आई ने जेल हुक्काम को हिदायत की है कि जेल में लखवी का ख़्याल रखा जाय और उसे हर सहूलत फ़राहम करने के इलावा बाहरी दुनिया से इस के राबिता को मुनक़ते करने की कोशिश ना की जाय । आई एस् आई के ताल्लुक़ से हमेशा से यही कहा जाता रहा है कि वो दहश्तगरदों की पुश्तपनाही करती है ।

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