Tuesday , December 12 2017

जनलोकपाल बिल पर झूट बोल कर फंसे केजरीवाल

केजरीवाल जब से दिल्ली के वज़ीर-ए-आला बनें है तब से आम आदमी पार्टी हर दिन नए तनाज़आत से घिरती नज़र आ रही है| अब केजरीवाल जनलोकपाल बिल पर झूट बोल कर तनाज़आत में आ गए है| जुमा को आम आदमी पार्टी और दिल्ली हुकूमत ने जिन कानून दानों की राय की बु

केजरीवाल जब से दिल्ली के वज़ीर-ए-आला बनें है तब से आम आदमी पार्टी हर दिन नए तनाज़आत से घिरती नज़र आ रही है| अब केजरीवाल जनलोकपाल बिल पर झूट बोल कर तनाज़आत में आ गए है| जुमा को आम आदमी पार्टी और दिल्ली हुकूमत ने जिन कानून दानों की राय की बुनियाद पर जनलोकपाल बिल के आईनी होने का दावे किये थे, उस पर सवाल उठ गए हैं|

बिल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि ये ग़ैर आईनी नहीं है और इस पर 4 आईन माहिरीन की राय ली गई है, लेकिन ज़राए के मुताबिक़, 2 माहिरीन ने इस बात से साफ़ इनकार किया है| इन माहिरीन में केएन भट्ट और पिनाकी मिश्रा का नाम सामने आ रहा है| उन की मानें तो उनसे ख़ास जनलोकपाल पर कोई राय नहीं ली गई है, बल्कि बाक़ी दूसरे कई मसाइल पर बात हुई हैं|

जनलोकपाल बिल पर केजरीवाल हुकूमत ने नायब गवर्नर‌ को ख़त लिखा है| वज़ीर-ए-आला की इस ख़त पर अब नया तनाज़ा शुरू हो गया है| इस ख़त में केजरीवाल ने दावा किया है कि दिल्ली हुकूमत को बगै़र मर्कज़ की इजाज़त के भी जनलोकपाल बिल लाने का मुकम्मल आईनी हक़ है| केजरीवाल ने जिन माहिरीन से सलाह लेकर दावा किया है उन्होंने भी केजरीवाल से मुँह मोड़ लिया है| गौरतलब है कि लोक पाल बिल पर आम आदमी पार्टी के लीडर आशुतोष ने कहा था कि दिल्ली के नायब गवर्नर‌ कांग्रेस के एजेंट हैं|

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